WhatsApp Group Join Now

About Information of Jasmine flower in hindi। चमेली फूल की संपूर्ण जानकारी

Jasmine flower in hindi :- जय हिंद दोस्तों, चमेली नाम सुनते ही मन में एक मनमोहक, सुगंधित एवं खूबसूरत चलचित्र घूमने लगती है। पूरे विश्व की तुलना में सबसे अधिक चमेली फूल का उपयोग भारत में ही किया जाता है, यह एक सफेद रंगी फूल है जिसे मंदिरो धार्मिक स्थल जैसे स्थानों में अधिकांश देखा जाता है। तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, असम, उत्तराखंड जैसे राज्यो में चेमली फूल की खेती अधिकांश की जाती है। चमेली फूल का वैज्ञानिक नाम जस्मीनुम (Jasminum) जो अपना संबंध ओलीसिए (Oleaceae) फैमिली से रखता है। फूल का रंग सफेद, पीला, लाल, गुलाबी रंग प्रजातियों के हिसाब से होती है। इसका अधिकांश उपयोग पूजा सामग्री एवं सजावटी तौर पर किया जाता है। चमेली फूल की लगभग 200 प्रजातियां मौजूद है।

आज हम अपनी लेखन में Jasmine flower in hindi के ज्ञान के गहराइयों में जाने वाले है और Jasmine flower से संबंधित जितने भी महत्वपूर्ण प्रश्न, चमेली फूल का उपयोग, चमेली फूल से होने वाले स्वास्थ्य लाभ, चमेली फूल की खेती, चमेली फूल की प्रजातियां आदि जितने भी जानकारी है उनको आसान भाषा में समझाने की एक प्रयास करेंगे तो हमारे साथ अंत तक बने रहे जिससे आपको Jasmine flower की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकेगी। और यह लेख उन लोगों को सहायता कर सकता है जो Jasmine flower के बारे में जानना चाहते हैं।

About Information of Jasmine flower in hindi। चमेली फूल की संपूर्ण जानकारी

पौधा :- 1 से 2.5 मीटर (4 से 8 फूट) लंबा एवं 1 से 4 मीटर (5 से 14 फूट) चौड़ा होता है चमेली का पौधा जो एक झाड़ी नुमा वा कटीला और भूरे रंग का होता है।

पत्ते :- चमेली का पत्ता 20 से 30 सेंटीमीटर (3 से 5 इंच) लंबी एवं 15 से 20 सेंटीमीटर (1 से 3 इंच) चौड़ी होती हैं। पत्ते का रंग हरा एवं पीला होता है।

फूल :- फूल 1 से 1.5 सेंटीमीटर लंबी एवं चौड़ी होती है, इसकी कुल पांच पंखुड़ियां होती है जो दिखने में सफेद पीला लाल गुलाबी एवं बैंगनी रंग की होती हैं। आकार एवं बनावट में पिनव्हील फूल के समान होती हैं।

जीवनकाल :- चमेली का पौधा 10 से 15 वर्ष तक जीवित रहता है। वही चमेली फूल 3 से 8 दिनों तक जीवित रहने में सक्षम है। कुछ प्रजातियों के पौधे 20 वर्ष तक जीवित रहते हैं।

निवास स्थान :- चमेली फूल की अधिकांश प्रजातियां ऑस्ट्रेलिया, यूरेशिया, उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, आदि स्थानो में मौजूद है। इसलिए हम कह सकते है इन देशों में चमेली फूल की उपस्थिति है। कुछ प्रजाति ऐसे है, जो एशिया एवं यूरोपीय देशों में मौजूद है।

यह भी पढ़ें – दोस्तों ऐसे कई सारे फूलों और लाइफस्टाइल से सम्बंधित अधिक लेटेस्ट न्यूज़ जानकारी पाने के लिए यहाँ क्लिक कर सकते हैं

Jasmine flower

Use of Jasmine flower in hindi । चमेली फूल का उपयोग

  • चमेली फूल का अधिकांश उपयोग माला बनाने में किया जाता है।
  • भारत के बड़े-बड़े धार्मिक स्थलों में चमेली फूल से बने माले का उपयोग देवी, देवताओं को चढ़ाया जाता है।
  • तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यो में चमेली फूल से बने गजरे का उपयोग महिलाओं के द्वारा अपने बालो में साजो श्रृंगार के रूप में प्रयोग करती है।
  • बड़े-बड़े पूजा एवं धार्मिक स्थलों एवं त्योहारों में चमेली फूल से ही सजाया जाता है।
  • शादी विवाह एवं अन्य समारोह में चमेली फूल का उपयोग सजावटी तौर पर किया जाता है।

Health Benefits of Jasmine flower in hindi। चमेली फूल से होने वाले स्वास्थ्य लाभ

  • चमेली फूल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फोकस करने की क्षमता को बढ़ाता है।
  • इसमें उपस्थित न्यूरोट्रांसमीटर सोचने समझने की क्षमता में वृद्धि करता है।
  • चमेली फूल में ऐसे औषधीय तत्व पाए जाते है जो यकृत की समस्या का निवारण करता है।
  • कभी-कभी महिलाओं के स्तन में दूध अधिक बढ़ जाती हैं जिसके वजह से उनको काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है वे अगर चमेली का सेवन करते हैं, तो इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
चमेली फूल के चाय से होने वाले फायदे । Benefits of Jasmine flower tea in hindi

फायदे
चमेली फूल के चाय में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कैंसर जैसी भयानक बीमारी में लड़ने में सहायता करती है।

उच्च रक्तचाप रोगी चमेली के चाय का सेवन कर सकते हैं जिससे उनका रक्तचाप सामान्य रह सकता है। इसकी सेवन डॉक्टर के सलाह के बाद ही करनी है।

नुकसान
अगर आप एक स्वस्थ इंसान है तो चमेली फूल से बने चाय के सेवन से बचें, यह केवल रोगियों के लिए है जिनको चमेली की चाय ठीक कर सकता है।

बच्चों को इसके सेवन से बचाना है, अन्यथा यह बच्चों का पाचन प्रक्रिया बिगाड़ सकता है।

Jasmine flower

चमेली फूल की महत्वपूर्ण प्रजातियां। Species of Jasmine flower in hindi

1. Wild Jasmine । वाइल्ड जैस्मिन :- वाइल्ड जैस्मिन जो ओलेसी परिवार से आती है। यह दिखने में पीले रंग की होती है इसका मूल निवास स्थान भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, नेपाल, बांग्लादेश जैसे है।

2. White Jasmine । व्हाइट जैस्मिन :- चमेली फूल की इस प्रजाति की खुशबू काफी अच्छी होती है यह पर्वतीय इलाकों में अधिकांश पाई जाती है। जो दिखने में सफेद रंग की होती है। इसकी उपस्थिति म्यांमार, नेपाल, चीन, बांग्लादेश, भारत जैसे देशों में है।

3. Arabian Jasmine । अरेबियन जैस्मिन :- यह उष्णकटिबंधीय क्षेत्रो में खिलने वाला फूल है, इसका अधिकांश उपयोग सजावटी तौर पर किया जाता है। जो दिखने में सफेद रंग का होता है। इसका मूल निवास स्थान एशियाई देश है।

4. Jasminum azoricum । जस्मीनुम एजोरिकम :- इसके फूलों में 6 पंखुड़ियां होती है, जो इसे अन्य प्रजातियों से अलग बनाती है। यह दिखने में सफेद रंग का होता है। इसका मूल निवास स्थान पुर्तगाल है।

5. Angelwing Jasmine। एंजलविंग जैस्मिन :- एंजलविंग जैस्मिन नामक प्रजाति में औषधीय गुण की उपस्थिति अधिक होती है, जिसका उपयोग रोग उपचार में किया जाता है। यह दिखने में सफेद रंग की होती है। इसका मूल निवास स्थान भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, चीन जैसे देश है।

घर में चमेली फूल को कैसे लगा सकते हैं।

अगर आप घर में चमेली फूल को लगाना चाहते हैं तो कुछ बातों को ध्यान में रखनी है जो निम्न में दी गई है।

चमेली फूल को दो तरीके से लगा सकते हैं
1. गमले में
2. बगीचे में

1. गमले में चमेली फूल को कैसे लगाए

सही गमले का चुनाव करना
आप अपने नजदीकी बाजार से 20 इंच लंबी एवं चौड़ी गमले का चुनाव करनी है जिसमें जल निकासी की व्यवस्था हो।

बीज का चुनाव करना
अपने नजदीकी नर्सरी, कृषि विभाग एवं बीज भंडारण से उच्च गुणवत्ता की बीज प्राप्त कर सकते हैं।

मिट्टी तैयार करना
इसके लिए उपयुक्त मिट्टी दमोट एवं काली मानी जाती है।

उपयुक्त मौसम
वर्षा ऋतु खत्म होने के पश्चात इसकी रोपाई कर देनी है।

बीज रोपण
60% मिट्टी, 20% घरेलू गोबर, 20% वर्मी कंपोस्ट, इन सभी को अच्छे से मिश्रण करके गमले के 80% भाग में मिट्टी भर देनी है। इसके पश्चात बीज को मिट्टी में दो से तीन सेंटीमीटर अंदर डाल देनी है इसके पश्चात नमी मात्र इतना पानी का छिड़काव कर देनी है।

2. बगीचे में
ऊपर की लेखन से आपको पता चल ही गया होगा की बीज कहां से प्राप्त करनी है और मौसम कैसा होना चाहिए अब आगे जानते हैं।

मिट्टी
आप जिस जगह पर बीज रोपण करना चाहते हैं उस जगह को अच्छे से साफ सफाई करके मिट्टी को कुदाल से कोड देनी है।

बीज रोपण
मिट्टी में अच्छी तरह से वर्मी कंपोस्ट एवं घरेलू गोबर को मिश्रण कर के 1 फीट के अंतराल में बीज को लगा देनी है।

बीज रोपण के पश्चात कुछ बातों को ध्यान में रखनी है।
  • चमेली पानी का काफी आदि होता है इसलिए नियमित मात्रा में पानी देते रहना है।
  • बीज रोपण के 10 दिनों के अंतराल में पौधे अंकुरित होने लगते हैं।
  • पौधे में प्रतिदिन कम से कम 4 से 5 घंटे धूप अवश्य पडने देनी है जिसमे सूर्योदय एवं सूर्यास्त का धूप होना अति आवश्यक है।
  • बीज रोपण के दो 2 महीने पश्चात फूल खिलना शुरू हो जाता है।
चमेली फूल के पौधे में होने वाले सामान्य रोग एवं उसका उपचार

रोग
रूट और फुट रॉट
यह रोग मुख्य रूप से जड़ों को प्रभावित करता है जिसकी वजह से जड़े सड़ने लगती है।

उपचार
पानी का छिड़काव अधिक मात्रा में ना करें, गमले एवं बगीचे में जल निकासी का उत्तम करना होगा। पौधे के आसपास साफ सफाई का ध्यान रखना होगा।

रोग
खस्ता फफूंदी
जब पौधे के पत्ते में दाग धब्बे आने लगेंगे तो समझ जाना की इसमें यह रोग पूरी तरह से फैल चुका है।

निवारण
पौधे के आसपास साफ सफाई रखनी है, और जब भी आप पौधे को स्पर्श करें तो हाथ में ग्लव्स अवश्य पहनें , नियमित रूप से धूप पढ़ने देनी है, इन सभी उपचार से अगर रोग ठीक नहीं हो रहा है, तो आप अपने नजदीकी बीज भंडारण से कीटनाशक का उपयोग कर सकते हैं।

चमेली फूल से संबंधित कुछ ऐसे सवाल जिसे अक्सर पूछे जाते हैं।

1. चमेली कौन-कौन से देश का राष्ट्रीय फूल है?
Ans सीरिया, पाकिस्तान

2. क्या हम चमेली फूल को घर में लगा सकते हैं?
Ans जी हां ऊपर दिए गए विधि से आप बिल्कुल लगा सकते हैं।

3. कौन से धर्म चमेली फूल की महत्वता अधिक है?
Ans हिंदू धर्म में

4. क्या हम चमेली फूल से बने माला को मंदिरों में चढ़ा सकते हैं?
Ans जी हां ऐसा करना हमारे हिंदू धर्म में शुभ माना जाता है।

5. भारत के किन-किन राज्यों में चमेली फूल की खेती अधिकांश की जाती है?
Ans केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश

निष्कर्ष

बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तों की आपने हमारा ब्लाग hindibrother.com को इतना प्यार दिए ऐसे ही और महत्वपूर्ण जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट को फॉलो कर सकते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि आपको हमारा लेख Jasmine flower in hindi अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा। अगर हमारे लेख में किसी प्रकार की जानकारी छूट गई है तो आप हमें टिप्पणी करके अवश्य बताएं। आपको Jasmine flower की जानकारी अच्छी लगी होगी तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें जिससे हमें आपका साथ मिल सकता है और ऐसे ही महत्वपूर्ण जानकारियां आपके साथ साझा करता रहूंगा।

इन्हें भी पढ़ें

मोगरा फूल की पूरी जानकारी

जाने कैसा होता है केतकी का फूल

गुलबहार फूल की पूरी जानकारी

लिली फूल की पूरी जानकारी

Leave a Comment