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About Mogra flower in hindi | मोगरा फूल की महत्वपूर्ण जानकारी

Mogra flower in hindi :- जय हिंद दोस्तों, मोगरा एक सुगंधित फुल होने के साथ-साथ बहुत लोकप्रिय एवं आकृति में बेहद खूबसूरत है। इसकी सुंदरता को देखते हुए फिलिपींस नामक देश का राष्ट्रीय पुष्प बनाया गया है। मोगरा पुष्प का मूल निवास स्थान भारत है। इसका उपयोग इत्र एवं गजरा बनाने में किया जाता है। मोगरा का वैज्ञानिक नाम Jasminum sambac है, जो अपना संबंध ओलेसी नामक फैमिली से रखता है।
आज अपनी लेखन Mogra flower in hindi से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य एवं इससे जुड़ी जानकारी को इस लेखन के माध्यम से आपके साथ साझा करने वाले है।

मोगरा फूल की महत्वपूर्ण जानकारी । Important Information of Mogra flower in hindi

1. मोगरे का पौधा 1 से 1.5 मीटर ऊंचा होता है इसके कई सारे कलियां होती है। मोगरा फूल 1.5 से 2 सेंटीमीटर बड़ी एवं 3 से 4 चौड़ी वा आकार में गोलाकार और सफेद रंग की होती है।

2. मोगरे पौधे का औसतन जीवन काल 10 से 15 वर्ष होता है। कुछ ऐसी प्रजाति है जिनकी आयु अधिक होती है।
मोगरा फूल कटाई के बाद अपनी सुगंध लगभग एक से दो दिन तक दे पता है।

3. भारत के राज्य तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा आदि जगहों पर मोगरे फूल से बने गजरा को वहां की महिलाओं के द्वारा पहना जाता है।

4. बड़ी-बड़ी समारोह में मोगरा फूल का उपयोग सजावट के रूप में की जाती है। ताकि आसपास का माहौल सुगंधित एवं मनमोहक बना रहे।

5. अधिकांश लोग घर के बगीचे में मोगरे का फूल लगाना पसंद कर रहे है। मोगरे फूल से एक मनमोहक सुगंध आता है जो आसपास के माहौल को बना कर रखता है।

Mogra flower

मोगरे फूल के फायदे । Benifits of Mogra flower in hindi

6. मोगरे के फूल में ऐसे औषधीय गुण पाए जाते है जिसके सुगंध से आपके अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा की पूर्ति होती है।

7. मोगरे के फूल में नेचुरल एंटीसेप्टिक पाया गया है। इस फूल से बने इत्र का प्रयोग करने से दिनभर आपको तरोताजा महसूस होगा।

8. सर्दी खांसी में मोगरे फुल को उबालकर उसकी सुगंध को श्वास के माध्यम से अपने अंदर प्रवेश होने दे, जिससे आपको सर्दी एवं खांसी दोनों में आराम मिलेगा।

9. कमर दर्द, घुटने का दर्द होने पर मोगरे के पत्ते को पीसकर दिन में दो बार दर्द वाली स्थान पर लगाए कुछ ही दिनों में आपको दर्द से राहत प्राप्त हो जाएगा।

10. कान दर्द में आप मोगरे के इत्र प्रयोग करते है, तो आपको दर्द से निजात मिल जाएगा।

11. भारत के प्रमुख धार्मिक स्थल में मोगरे के मामले को चढ़ाया जाता है।

12. बीकानेर, अजमेर, जयपुर, कोटा, पटना, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में मोगरे के फूल को काफी पसंद किया जाता है।

13. धार्मिक स्थान में मोगरा फूल को माला बनाकर बेचा जाता है जो व्यापार का बहुत बड़ा रूप है।

और पढ़ें गुलबहार फूल की पूरी जानकारी

मोगरा फूल की रोचक तथ्य । Intersting facts about Mogra flower in hindi

नाम हिंदी में                                                   मोगरा
अंग्रेजी में                                                       Mogra 
संस्कृत में                                                      मल्लिका, मालती
वैज्ञानिक नाम                                                 Jasminum sambac
निवास स्थान                                                   भारत
जगत                                                             plantae
प्रजातियां                                                        पुष्टि नहीं हुई
पौधे का जीवनकाल                                          10 से 15 वर्ष
फूल का जीवनकाल                                         1 से 2 दिन

Mogra flower

मोगरा फूल को कैसे लगाए 

मोगरा फूल लगाने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखनी होगी जो इस प्रकार है।

गमला :- बाजार से आपको 1 से 1.5 मीटर लंबा वा 1 मीटर चौड़ा गमले का चुनाव करना है। ध्यान रहे गमला स्टील का नहीं होना चाहिए ,ऐसा इसलिए कि जब आप पौधे रोपण करेंगे तो सूर्य की रोशनी से गमला अधिक गर्म हो जाएगा जिसकी वजह से पौधे मुरझा भी सकते है। इसलिए आप हमेशा सीमेंट या मिट्टी से बने गमले का चुनाव ही करें।

मिट्टी :- आप लाल मिट्टी का उपयोग कर सकते है। बस ध्यान रहे की मिट्टी का पीएच मान 6 से 8 के बीच होनी चाहिए इसके पश्चात आप मिट्टी, गोबर एवं वर्मी कंपोस्ट के मिश्रण को गमले में भर दे। इसके पश्चात बीज का रोपण कार्य कर सकते हैं।

समय :- पौधारोपण का अनुकूल समय सितंबर से अक्टूबर माह होता है, आप इस समय पौधे का रोपण कर सकते है।

पौधा :- मोगरा के कुछ पुराने पौधे जिनके कलियों को काटकर आप नवीन पौधा बना सकते है। नर्सरी से पौधा खरीद कर आप लग रहे है, तो वह काफी अच्छा माना जाता है। उस पौधे की देखभाल अच्छे से की जाती है जिसके वजह से फूल खिलने में कोई समस्या नहीं होती है।

पानी :- रोजाना सूर्यास्त के बाद आवश्यकता अनुसार पानी दे सकते है। आवश्यकता से ज्यादा पानी न दे अन्यथा पौधा सड़ सकता है।

देखभाल :- सूर्योदय के बाद 2 घंटे पौधे को धूप में रखनी है एवं सूर्यास्त से पहले भी 2 घंटे आपको धूप में रखनी होगी है। जिससे पौधे की वृद्धि में कोई कठिनाई नहीं होगी।

जब पौधे की कलियां धीरे-धीरे बढ़ने लगे तो उस समय पौधे की छटनी करें और पौधे के आस पास अच्छे से साफ सफाई भी कर दे ताकि ताकि पौधा रोग मुक्त हो।

मोगरा पौधे के कुछ रोग एवं उपचार

रोग
खस्ता फफूंदी :- यह पौधे में होने वाली सामान्य बीमारी है जो दूषित हवा, पानी के समीप आने से फैल जाती है। जिसके वजह से पौधे की वृद्धि दर घट जाती है और पत्तियों में पीलापन आ जाता है।

निवारण :- पौधे के आसपास किसी अन्य प्रकार के पेड़ अथवा पौधे को ना लगाए।

दवाखाना से कवकनाशी दवा के प्रयोग से रोग को नष्ट कर सकते है।

रोग
फंगल :- यह एक प्रकार का संक्रमण है जो पौधे के वृद्धि दर को नष्ट करता है। यह रोग बहुत तेजी से फैलता है।

निवारण :- पौधे के संरक्षण के लिए आप ग्रीनहाउस का प्रयोग कर सकते है।

हो सके तो एक बार डॉक्टर से आवश्यक सलाह ले।

10 लाइन मोगरा फूल के बारे में । 10 Lines Mogra flower in hindi

1. मोगरा फूल का मूल निवास स्थान भारत है।

2. मोगरा फूल से बने गजरे का उपयोग महिलाएं श्रृंगार में करती है।

3. फिलिपींस देश का राष्ट्रीय पुष्प मोगरा फूल है।

4. भारत के धार्मिक स्थलों में मोगरा फूल को चढ़ाया जाता है।

5. मोगरा वृक्ष का औसतन उम्र 10 से 15 वर्ष के बीच होता है।

6. मोगरा फूल का वैज्ञानिक नाम Jasminum sambac है।

7. मोगरा अपना संबंध ओलेसी नामक फैमिली से रखता है।

8. घर के बगीचे में अधिकांश मोगरे फूल को लगाया जाता है।

9. मोगरा फूल लगाने का सही समय सितंबर से अक्टूबर माह होता है।

10. मोगरा सुगंधित फूलों के श्रेणी में आता है, इसलिए इसका इत्र बनाया जाता है।

दोस्तों मुझे यह जानकर खुशी होगी कि आपको हमारा लेख Mogra flower in hindi बेहद पसंद आया होगा। आप चाहते है कि इस फूल की ज्ञान को और फैलाया जाए तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते है। अगर गलती से हमसे किसी प्रकार की जानकारी छूट गई है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से अवश्य बताएं।

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