WhatsApp Group Join Now

About pinwheel flower in hindi | पिनव्हील फूल की संपूर्ण जानकारी

Pinwheel flower in hindi :- जय हिंद दोस्तों, पिनव्हील एक खूबसूरत फूल है, जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रो में पाई जाती है। हिंदू धर्म में इसका उपयोग पूजा सामग्री में किया जाता है। पिनव्हील का वैज्ञानिक नाम Tabernaemontana divaricata है जो अपना संबंध Apocynaceae येपोसिनेसी परिवार से रखता है।

आज हम अपनी लेखन में Pinwheel flower in hindi से संबंधित जितने भी महत्वपूर्ण प्रश्न है उन सभी को बेहद आसान भाषा में समझने की प्रयास करेंगे। जिससे आपको Pinwheel flower की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सकेगी।

Information of Pinwheel flower in hindi। पिनव्हील फूल की संपूर्ण जानकारी

पौधा :- पिनव्हील का पौधा 30 से 50 सेंटीमीटर (10 से 20 इंच) लंबा होता है, इसका पौधा झाड़ीदार वा भूरे रंग का होता है।

पत्ते :- 7 सेंटीमीटर लंबे एवं 4 सेंटीमीटर चौड़े होते हैं दिखने में हरे रंग के होते हैं।

फूल :- पिनव्हील के फूल बेहद छोटे आकार के होते हैं जो मात्र 2 से 3 सेंटीमीटर लंबे होते हैं, इसके कुल पांच पंखुड़ियां होती है जो आपस में मिले होते हैं। पिनव्हील फूल दिखने में सफेद पीला एवं बैंगनी रंग के होते हैं। इसके फूल अधिकांश वसंत ऋतु में खिलते हैं।

जीवन काल :- पौधे का जीवनकाल लगभग 7 वर्ष होता है। वही फुल 5 से 10 दिनों तक जीवित रहते है।

निवास स्थान :- भारत, चीन, नेपाल, म्यांमार, हांगकांग, जापान, साउथ कोरिया आदि देशों में इसकी उपस्थिति है।

Health Benefits of Pinwheel flower in hindi । पिनव्हील फूल होने वाले फायदे

  • पिनव्हील फूल उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट सर दर्द में राहत दिलाता है।
  • दांतों के दर्द में रामबाण होता है पिनव्हील का फूल उपस्थित औषधीय गुण दर्द से राहत दिलाता है।
  • पिनव्हील फूल उपयोग सुचारू रूप से करने से उच्च रक्त चाप से छुटकारा दिलाता है।
  • पिनव्हील फूल में ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं, जो पाचन प्रक्रिया को सामान्य रखने में सहायक होते हैं।
  • आंखों के लिए रामबाण साबित होता है, इसमें उपस्थित आयुर्वेदिक तत्व आंखों के सूजन को जड़ से ठीक करता है।

Use of Pinwheel flower in hindi। पिनव्हील फूल का उपयोग

  • पिनव्हील फूल का उपयोग सजावटी सामग्री में किया जाता है।
  • हिंदू धर्म में पिनव्हील फूल का बहुत महत्व है क्योंकि इसका पूजा मंदिरों में किया जाता है।
  • पिनव्हील फूल औषधीय रूप से परिपूर्ण है इसलिए इसका उपयोग दवाई बनाने में किया जाता है।
पिनव्हील फूल की प्रजातियां। Species of Pinwheel flower in hindi

Hindibrother.com के रिपोर्ट के अनुसार पिनव्हील फूल की कोई अन्य प्रजाति मौजूद नहीं है।

Pinwheel flower

पिनव्हील फूल को घर में कैसे तैयार करें

पिनव्हील फूल घर में उगना बेहद आसान है बस आपको कुछ बातों को ध्यान रखना है जो नीचे दी गई है।

गमले का चुनाव करना
अपने नजदीकी बाजार से आप उच्च गुणवत्ता के गमले प्राप्त कर सकते हैं जिसमें जल निकासी की स्थान हो

उच्च गुणवत्ता की मिट्टी
इसके लिए उपयुक्त मिट्टी काली एवं जलोढ़ मानी जाती है जिसकी पीएच मान 6 से 8 के बीच होनी चाहिए

उच्च गुणवत्ता की बीज
आप अपने नजदीकी नर्सरी एवं बीज भंडार से बीज प्राप्त कर सकते हैं।

बीज लगाने का सही समय
पिनव्हील के बीज लगाने का उपयुक्त समय बसंत ऋतु का आगमन होता है। आप बीज को अक्टूबर से नवंबर माह के बीच लगा सकते हैं।

मिट्टी तैयार करना
60% सामान्य मिट्टी, 20% घरेलू गोबर एवं 20% वर्मी कंपोस्ट के साथ मिश्रण कर के मिट्टी तैयार कर लेनी है।

बीज रोपण
गमले के 70% भाग पर मिट्टी को डाल देनी है, इसके पश्चात बीज को मिट्टी के अंदर दो से तीन सेंटीमीटर अंदर डालकर ऊपर से मिट्टी ढक देनी है। और नमी मात्रा पानी देनी है।

बीज रोपण के पश्चात कुछ बातों को ध्यान में रखनी है।

पानी
पिनव्हील पानी का आदि होता है इसलिए नियमित मात्रा में पानी का छिड़काव करते रहना है।

देखभाल
पौधे के आसपास साफ सफाई करते रहनी है ताकि पौधा नियमित रूप से विकसित हो सके।

धूप
पिनव्हील का पौधा उन पौधों में से एक है जिसको धूप की आवश्यकता अधिक होती है इसलिए कम से कम पौधे में 4 से 5 घंटे धूप पढ़ने देनी है एक बात का खास ध्यान रखती है कि सुबह एवं शाम का धूप अवश्य पडने देनी है।

पौधे का आगमन
बीज राेपण के एक से डेढ़ सप्ताह बाद बीज का आगमन होने लगता है इसके बाद आपको थोड़ा अधिक मात्रा में पानी देने की जरूरत है।

बहुत बहुत धन्यवाद दोस्तों कि आपने हमारा ब्लाग Hindibrother.com को इतना प्यार दिए मुझे पूरा विश्वास है कि आपको हमारा लेख Pinwheel flower in hindi बेहद पसंद आया होगा। अगर हमारी जानकारी आपको अच्छी लगी होगी तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

इन्हें भी पढ़ें

मोगरा फूल की पूरी जानकारी

जाने कैसा होता है केतकी का फूल

गुलबहार फूल की पूरी जानकारी

लिली फूल की पूरी जानकारी

Leave a Comment