WhatsApp Group Join Now

Carnation flower in Hindi | कार्नेशन फूल की हिंदी में जानकारी

Carnation flower in Hindi:- जय हिंद दोस्तों आज हम लोग जाने वाले हैं। कारनेशन फूल के बारे मे, कार्नेशन फुल से संबंधित जितने प्रकार के जानकारी हैं। हम आप तक पहुंचाने का काम करेंगे।

 Information Of Carnation Flower in Hindi | कार्नेशन फूल की जानकारी

1. कार्नेशन फूल का इतिहास 

कार्नेशन फूल के बारे में हमें यह जानकारी प्राप्त हुआ है कि जब ईसा मसीह को 33 वर्ष की अवस्था पर उनको क्रूज पर लटका दिया गया था और जब यह खबर उनकी माता जी को जब पता चला की उनके बेटे को क्रूज पर लटका दिया गया है। तो उसी समय उनकी माताजी का आंसू निकल के जमीन मे गिरने लगता है। वही आंसू से कार्नेशन फूल का धरती में आगमन होता है। आज तक ऐसा ही माना जा रहा है।

2. कार्नेशन फूल का वैज्ञानिक एवं अन्य नाम

कार्नेशन फुल का वैज्ञानिक नाम Dianthus caryophlllus है। जिसका वनस्पतिक नाम Theopharastus है। और हिंदी में गहरे लाल रंग कहते हैं।

3. कार्नेशन फूल की कितनी प्रजातियां पाई जाती है

Carnation flower in Hindi

 

 

 

 

 

 

कार्नेशन का फूल जो दिखने में काफी खूबसूरत और आकर्षक होता है। इसकी प्रजाति की बात करें, तो वह लगभग तीन से चार प्रकार के पाए जाते हैं। कार्नेशन फूल के रंगों की अगर बात की जाए तो वह लगभग 100 से 110 प्रकार का पाया जाता है।
तो आइए कार्नेशन फुल के प्रजातियों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।

डायनथस कैरीथोफिलस

कार्नेशन के फूल की प्रजातियों में सबसे अच्छा और दिखने में आकर्षक वाली किस्म है। जिनके रंग इस प्रकार हैं। हल्का लाल, सफेद, और बैंगनी है।

डायनथस फ्लमेरियस

कार्नेशन फुल की वह प्रजाति है। जिसकी फूल बारिश के मौसम में खिलती है। इस फूल के पौधे की लंबाई लगभग 2 से 3 फीट तक हो सकती है। और इसका रंग पिंक होता है। इसके पौधे में छोटे-छोटे कांटे पाए जाते हैं। जिसके कारण से यह फूल खूबसूरत दिखता है।

Carnation flower in Hindi

 

 

 

 

 

डायनथस एवर्लास्ट लेवेंडर लेस

यह कार्नेशन की वह प्रजाति है। जिसके पौधे की लंबाई लगभग 10 से 15 इंच तक बढ़ सकती है। यह आमतौर पर लाल रंग का होता है। इस फूल के लिए सबसे ज्यादा जरूरी सूर्य की चमकदार रोशनी होती है। जिसके कारण से ज्यादा खूबसूरत दिखती हैं।

डायनथस नियॉन स्टार

कार्नेशन फुल की यह प्रजाति नियॉन स्टार की प्रजाति की श्रेणी में आता है। इसके पौधे में लगभग चार टहनी होती है। इस फूल का रंग लाल और भगवा हो सकता है। इस फूल की खेती भारत देश अधिक मात्रा में की जाती है। और इसी फूल में अधिक मात्रा में तितलियां बैठती है।

 

 

 

 

 

 

 

डायनथस सुपरबस

यह कार्नेशन फूल की वह प्रजाति है। जिसकी पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा खेती की जाती है। इस फूल का रंग गुलाबी लाल दोनों में से कुछ भी हो सकता है।

4. कार्नेशन फूल के कितने रंग होते हैं 

कार्नेशन फूल के रंग की बात करें तो लगभग 100 से भी अधिक प्रकार के पाए जाते हैं। लेकिन इनमें से मुख्य रूप से कुछ ही फूल होते हैं। जिनके बारे में जानना है।
लाल, बैंगनी, गुलाबी, सफेद,गहरा पीला आदि।

कार्नेशन फूल की खेती कैसे करें

कार्नेशन फूल की खेती आप करते हैं। तो इन बातों को ध्यान में रखना होगा

मिट्टी :- कार्नेशन फूल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मिट्टी काली माने जाती है। इसके अलावा बलुआई मिट्टी में भी आप इसकी खेती कर सकते हैं। और मिट्टी का पीएच मान जो है। वह कम से कम 5 से 7 के बीच होनी चाहिए।

पौधे का चुनाव :- कार्नेशन का पौधा बाजार से आप बहुत आसानी से खरीद सकते हैं। पौधा खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखनी है।

  • ज्यादा घने पौधे का चुनाव नहीं करनी चाहिए
  • पौधे को अच्छी तरह जांच परख लेनी है।
  • पौधे खरीदने के पश्चात उसको 12 घंटे के अंदर लगा लेनी है।
  • पौधे का जड़ ज्यादा काली नहीं होनी चाहिए

Carnation flower in Hindi

 

 

 

 

 

जलवायु :- कार्नेशन का फुल अगर देखा जाए तो ना ही इस पर ज्यादा ठंड पसंद है, और ना ही इसको गर्मी इसलिए इसका उचित जलवायु 12 डिग्री सेल्सियस से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच होनी चाहिए।

  • इसको आप सुबह के धूप में एक से डेढ़ घंटे तक रख सकते हैं।
  • शाम की धूप में भी आपको एक से डेढ़ घंटा तक रखनी है।
  • आपको पूरे दिन में कम से कम 3 से 4 घंटे तक धूप पर रखनी है।

कार्नेशन फुल में खाद का प्रयोग

कार्नेशन फूल की खेती करते समय हम कितनी मात्रा में खाद का प्रयोग कर सकते हैं, प्रति वर्ग मीटर जमीन में खाद का उपयोग।

गोबर खाद की मात्रा लगभग 10 से 12 किलो होनी चाहिए जिस पर नाइट्रोजन की मात्रा लगभग 25-30 ग्राम पोटाश, की मात्रा लगभग 10 से 15 ग्राम फास्फोरस, की मात्रा लगभग 20 से 25 ग्राम तक होनी चाहिए

तभी नियमित रूप से पौधा उग सकता है।

पौधे को कौन कौन जगह पर लगा सकते हैं।

गमले में :- इसको लगाने के लिए आपको सबसे पहले बाजार से 8 से 10 इंच का एक गमला खरीद लेनी है। गमला गोल होने चाहिए चाहे गमला किसी भी वस्तु का हो अगर हमारी बात माने तो आप मिट्टी के गमले का उपयोग कर सकते हैं।

कार्नेशन फुल को गमले पर खेती नहीं कर सकते क्योंकि गमले पर खर्चा बहुत ज्यादा हो जाएगा अगर आप घर पर लगाना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छा रहेगा।

खुले मैदान में :- जब आप खुले मैदान में इसकी खेती करना चाहते हैं। तो इन बातों का ध्यान रखना होगा।

अच्छे से मिट्टी को साफ सफाई कर लेना है।

खाद का छिड़काव कर लेनी है।

प्रति वर्ग मीटर जमीन में आप लगभग 200 से अधिक फूल की खेती आराम से कर सकते हैं।

ग्रीन हाउस में :- अगर देखा जाए तो कार्नेशन फूल की खेती के लिए सबसे उपयुक्त जगह अगर कोई है। तो वह ग्रीनहाउस ही है, यहां पर आप 300 से 400 पौधा आसानी से लगा सकते हैं। प्रति वर्ग मीटर जमीन पर।

रोग और उसके उपचार

पर्न दाग :- यह रोग उच्च तापमान के कारण होता है। जिसके कारण पौधे का तना कमजोर होने लगता है, इसके उपचार के लिए आप ऑक्सिक्लोराइड दवा, डॉक्टर के सलाह से प्रयोग कर सकते हैं।

मुरझा :- यह एक सामान्य रोग है। जिसके कारण से पौधे में पीलापन आ जाता है। इसका उपचार वेविस्टिन नामक दवा है। आप इसका प्रयोग डॉक्टर के सलाह से कर सकते हैं।

Carnation flower in Hindi

 

 

 

 

 

6. कार्नेशन फूल का अन्य जानकारी

कार्नेशन फूल का उपयोग इत्र बनाने में किया जाता है।

कार्नेशन फुल दिखने में बहुत खूबसूरत होता है। इसलिए इसका उपयोग सजावट की वस्तु में किया जाता है।

कार्नेशन फुल का उत्पादन ठंडे देशों में अधिक मात्रा में किया जाता है।

भारत में इस फूल का उत्पादन हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड नामक राज्य में किया जाता है।

कार्नेशन फुल बाजार में आसानी से प्राप्त हो जाएगा और इसकी कीमत जगह-जगह के अनुसार होती है।

इसे भी पढ़े

Tulip Flower information in Hindi | ट्यूलिप फूल की जानकारी

एस्टर फूल की संपूर्ण जानकारी

निष्कर्ष

अगर आपको Carnation flower in Hindi कि जानकारी अच्छी लगी हो तो इस पेज को लाइक जरूर करें अगर आपको लगता है। कि हमसे कुछ जानकारी छूट गई हो तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं।
जय हिंद।

 

Leave a Comment