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Chamomile Flower information in Hindi | कैमोमाइल फूल की जानकारी

Chamomile Flower in Hindi – जय हिंद दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं, एक ऐसे फूल के बारे में जो दिखने में काफी खूबसूरत और औषधीय से भरपूर होता है, इसके कण कण में फायदे मौजूद हैं। आज हम कैमोमाइल फुल के बारे में पूरा विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे, अगर आपको कैमोमाइल से संबंधित जानकारी चाहिए तो अंत तक हमारे साथ बने रहे।

 Information of Chamomile Flower in Hindi | कैमोमाइल फूल की जानकारी 

कैमोमाइल फुल दो प्रकार का होता है।

1. सफेद
2. पीला

कैमोमाइल फुल की लगभग 30 कलियां होती है।

कैमोमाइल फूल को आप कोई भी मौसम में लगा सकते हैं। यह हर मौसम में तैयार होने वाला पौधा है।

कैमोमाइल फुल एस्टरेसिया (Asteraceae) प्रजाति से आता है।

कैमोमाइल फुल में पाई जाने वाले पोषक तत्व

कैलशियम, कॉपर, जिंक, सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, प्रोटीन, फैट, kcal, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन b6, विटामिन सी, विटामिन ई, भरपूर मात्रा में पाई जाती है।

कैमोमाइल फूल का वैज्ञानिक व अन्य नाम

कैमोमाइल एक पौधा है जो जड़ी-बूटी के अंतर्गत आता है जिस का वैज्ञानिक नाम मैट्रीकेरिया चैमोमिल्ला (matricaria chamomille) है। जिसको अंग्रेजी में chamomile, हिंदी में कैमोमाइल, बबुने का फूल, संस्कृत में कर्पूरपुष्पा कहते हैं।कैमोमाइल फुल सोने वाले फायदे

Uses Of Chamomile Flower in Hindi | कैमोमाइल फूल का उपयोग

  1. कैमोमाइल फूल का उपयोग सजावट के रूप में किया जाता है।
  2. कैमोमाइल फूल का उपयोग पूजा एवं त्योहारों के सामग्री में किया जाता है।
  3. कैमोमाइल फूल में मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक, सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, प्रोटीन, फैट, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन b6, विटामिन सी, आदि की उपस्थिति होती है। जो तेल के रूप में तब्दील हो जाती है।
  4. कैमोमाइल तेल को बाल में लगाने से बालों को मजबूती मिलती है।
  5. कैमोमाइल तेल में Anti- inflammatory और Antioxidant की उपस्थिति होती है, जो घुटने के दर्द में राहत दिलाता है।
  6. कैमोमाइल तेल की काफी कीमत होती है। इसको बेचकर किसान अच्छी मुनाफा कमा सकते हैं।

Benefits of chamomile flower in Hindi कैमोमाइल फूल के फायदे

अनिद्रा में राहत

कैमोमाइल चाय में Anti- inflammatory और Antioxidant पाई जाती है। जो अनिद्रा जैसी समस्या को समाप्त करने का काम करता है।

आंखों के सूजन में राहत

कैमोमाइल में ऐसे एंटीबॉडी पाई जाती है, जो आंखों के सूजन को कम करने मैं सहायता करती है।

पाचन में सहायक

अगर आप रोजाना कैमोमाइल के चाय का सेवन करते हैं, तो इसमें उपस्थित कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, आदि उपस्थित है, जो पाचन शक्ति बढ़ाने का काम करते है।

हृदय समस्या दूर करने में सहायक

कैमोमाइल में कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो है, हृदय से संबंधित समस्या को समाप्त करने में सहायता करते हैं।

कब्ज में राहत

कैलशियम, कॉपर, जिंक, सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, प्रोटीन, फैट, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन b6, विटामिन सी, विटामिन यह यह सब मिलकर एंटीबॉडी में तैयार हो जाता है। जो कब्ज को समाप्त करने में सहायक होता है।

रक्तचाप को नियंत्रित

कैमोमाइल के चाय में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित रखता है।

पीरियड्स के दर्द में सहायक

पीरियड्स के समय दर्द को कम करता है। इसलिए लड़कियों को कैमोमाइल के चाय का सेवन करनी चाहिए।

प्रेग्नेंसी के समय महिलाएं कैमोमाइल के चाय का सेवन कर सकती हैं, क्योंकि इसमें उपस्थित पोषक तत्व व विटामिन शरीर को स्वस्थ रखने का काम करती है, इसलिए इसके चाय को लगभग 7 माह तक सेवन कर सकते हैं। अगर आप इसके बाद सेवन करना चाहते हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

बेचैनी में राहत 

कैमोमाइल फुल के चाय में Anti- inflammatory और Antioxidant भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो मस्तिष्क के अंदर डोपामिन हार्मोन को रिलीज करता है, जो बेचैनी को समाप्त करने में सहायक होता है।

कोलेस्ट्रॉल करें कम

नियमित रूप से कैमोमाइल की चाय की सेवन से केलोस्ट्रोल कम होता है।

बवासीर में राहत

डॉक्टर की सलाह अगर मानी जाए तो आप नियमित रूप से कैमोमाइल की चाय सेवन करते हैं, तो आप बवासीर जैसी शिकायत से बच सकते हैं।

कैमोमाइल फूल के चाय से होने वाले नुकसान

  1. किडनी के मरीज डॉक्टर के सलाह के बाद ही इसका सेवन कर सकते हैं।
  2. डायबिटीज के मरीज भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही कैमोमाइल फुल के चाय का सेवन कर सकते हैं।
कैमोमाइल फूल का अन्य जानकारी 
  • कैमोमाइल की चाय, कैमोमाइल फुल के पीले वाले भाग से बनाया जाता है।
  • कैमोमाइल फूल का तेल की कीमत लगभग 15,000 तक हो सकता है।
  • कैमोमाइल बीज की कीमत ₹100 प्रति kg होती है।
  • कैमोमाइल की चाय को हर्बल चाय बोली जाती है, जो कैमोमाइल फूल को सूखा के बनाया जाता है।
  • कैमोमाइल पूरे विश्व की तुलना में सबसे ज्यादा भारत में ही इसकी खेती की जाती है। कुछ ऐसे देश हैं, जहां पर इसकी खेती की जाती है, वह देश इस प्रकार से है। पाकिस्तान, चाइना, अफगानिस्तान आदि
  • प्रतिवर्ष के कैमोमाइल को नबेक्सी एवं फार्मायूनिटिकल जैसी बड़ी कंपनी कैमोमाइल की खेती किसानों से करवाती है।
  • वर्तमान में कुछ ऐसे देश है, जहां पर भारत कैमोमाइल की निर्यात करती है, वह देश फ्रांस, रूस, जर्मनी आदि
  • कैमोमाइल फुल से कई प्रकार की दवाई बनाई जाती है।
  • कैमोमाइल फूल की खुशबू लगभग 100 मीटर से अधिक दूरी तक जाती है।

किसान भाई कैमोमाइल की खेती कैसे करें

सही गमले का चुनाव करना
कैमोमाइल का पौधा ज्यादा लंबा नहीं होता है। इसलिए आप एक से डेढ़ मीटर लंबे एवं चौड़े गमले का चुनाव करना है जिसमें जल निकासी का उत्तम प्रबंध हो।

बीज का चुनाव करना
उच्च गुणवत्ता के बीच आप अपने नजदीकी बीज भंडार, नर्सरी, अगर संभोग हो सके तो केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान जोधपुर में उच्च गुणवत्ता के बीच आसानी से मिल जाएंगी

बीजराेपण का उपयुक्त मौसम
अक्टूबर माह के आगमन में बीज को लगा सकते हैं।

मिट्टी तैयार करना
कैमोमाइल के पौधे के लिए उपयुक्त मिट्टी काली एवं अन्य जलोड़ मानी जाती है।

बीज रोपण
70% सामान्य मिट्टी, 15% घरेलू गोबर, 15% वर्मी कंपोस्ट इन सभी को अच्छे से मिश्रण करके गमले के 70% भाग में भर दें। इसके पश्चात बीज को 2 से 3 सेंटीमीटर अंदर डाल देनी है और ऊपर से मिट्टी ढक देनी है। कुछ समय पश्चात पानी का छिड़काव कर देनी है।

बीज रोपण के पश्चात कुछ बातों को ध्यान रखनी है

धूप
जब तक पौधा अंकुरित नहीं हुआ है तब तक केवल सुबह एवं शाम के ही धूप को पड़ने देनी है।
जब पौधा अंकुरित हो जाएगा तब 4 से 5 घंटे धूप पडने देनी है।

बीज अंकुरित
बीज रोपण के 1 से 1.5 सप्ताह पश्चात बीज अंकुरित होने लगेगा

पानी
जैसे ही बीज अंकुरित होता है तो पानी का छिड़काव सामान्य से अधिक मात्रा में करें।

रोग एवं उसका निवारण
कैमोमाइल के पौधे में रोग बहुत कम ही लगता है लेकिन ऐसा नहीं कि आप इस पर ध्यान ना दें समय-समय पर इसके आसपास साफ सफाई करते रहना है। अन्य पौधे के संपर्क से दूर रखना है।

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