WhatsApp Group Join Now

Daisy Flower information in Hindi | गुलबहार का फूल की जानकारी

Daisy Flower in Hindi – जय हिंद दोस्तों, गुलबहार फुल दिखने में काफी सुंदर व आकर्षक होता है, यह फूल सुंदर होने के साथ-साथ खुशबूदार भी होता है, आज हम गुलबहार फुल से संबंधित जितने प्रकार की जानकारी है, हम आप तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
अगर आप गुलबहार फूल की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। तो हमारे पेज को अंत तक पढ़े हैं, जिससे आप गुलबहार फूल के बारे में जान सकेंगे, तो आइए हम अपनी लेख Daisy Flower in Hindi को पूरा करते है।

Information of Daisy Flower in Hindi | गुलबहार का फूल की जानकारी

Information of Daisy Flower in Hindi

यूरोप के पौराणिक कथाओं से गुलबहार पुल के बारे में पता चलता है। की गुलबहार फुल यूरोप का प्रजाति है। इसके फूलों का रंग पीला, सफेद, गुलाबी, लाल आदि हो सकता है। यह फूल उन फूलों की श्रेणी में आता है, जो ठंडी के मौसम में खिलती है, बगीचे का शोभा बढ़ाने का काम करता है।

गुलबहार को अंग्रेजी में Daisy Flower के नाम से जानते है। इसका वैज्ञानिक नाम Bellis perennis है। यह पूरी दुनिया के सुंदर व आकर्षक फूलों की श्रेणी में आता है। गुलबहार फुल को यूरोपीय देशों में गुलदस्ता एवं सजावट के रूप में प्रयोग करते हैं, यह फूल अधिकतर पार्क, घास के मैदान, सड़क के किनारे प्राकृतिक रूप से निकलती है।

गुलबहार फुल के पौधे की ऊंचाई लगभग 5 फीट तक हो सकती है। कुछ ऐसे भी प्रजाति है जिनके पौधे 5 फीट से अधिक होते हैं, इसकी पत्तियां छोटी-छोटी होती है, जो पौधे के ऊपर लगी होती है।

पीला एवं सफेद गुलबहार लगभग पूरे विश्व भर में पाया जाता है, गुलबहार फुल की यह प्रजाति में सबसे सुंदर दिखने में होती है।

अंटार्कटिका महाद्वीप में गुलबहार फुल का कोई भी प्रजाति नहीं पाई जाती है, जबकि पूरी दुनिया में गुलबहार फूल की 3500 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है।

गुलबहार फूल के बीच वाले भाग को फ्लोरल कहते हैं। जिसका रंग पीला, सफेद, बैंगनी, नीला आदि हो सकता है, जो फूल को आकर्षक बनाता है, फ्लोरल मधुमक्खी एवं तितली को अपनी ओर आकर्षित करता है।

गुलबहार फुल बरामसिया फुल है। जो हर एक मौसम में खिलता है, इस फूल को ठंड के दिनों में अधिक धूप की जरूरत पड़ती है। और गर्मियों में कम धूप की जरूरत होती है।

गुलबहार शाकाहारी पौधे की श्रेणी में आता है, इसलिए इसके पत्ते साल भर की खिली रहती है, यही कारण से फूल भी खिलता है।

गुलबहार फुल के रंगों का प्रतीक

गुलाबी :- प्रेम का प्रतीक
सफेद :- सादगी का प्रतीक
पीला :- अच्छाई का प्रतीक

गुलबहार फूल के पौधे को कैसे लगाएं

गुलबहार दिखने में आकर्षक फुल है इसके कई तरह के प्रजातियां पाई जाती है, उन सभी का उत्पादन कैसे किया जाता है? देखभाल कैसे किया जाता है? इन सभी सवालों के जवाब जानने वाले हैं।

बीज को कैसे उगाए

बीज उगाने का सही समय सितंबर से नवंबर माह के बीच होती है, बीज को आप गमले में लगा सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण सलाह जिसके सहयोग से आप बीज लगा सकते हैं।

  1. मिट्टी के पीएच मान 5 से 7 के बीच होनी चाहिए।
  2. गमले के मिट्टी में कुछ चीजों का मिश्रण करना है, वह इस प्रकार है।
    सामान्य मिट्टी 45%, घरेलू गोबर 25%, कोकीपीट 15%, रेत 15%
    इन सभी को अच्छे से मिलाकर बीज को लगा देनी है।
  3. और कुछ बातों को ध्यान में रखनी है।
  4. बीज तैयार करने के लिए पर्याप्त मात्रा में धूप देनी होगी जिसकी तापमान 20°c से 24°c तक होनी चाहिए।
  5. 21 से 22 दिनों में बीज अंकुरित हो जाता है, इसके पश्चात आप बीज को लगा सकते हैं।
  6. बीज को आप नीचे दिए गए तरीके से लगा सकते है।
  7. अच्छे गमले की चुनाव करनी है, जिसमें पानी निकलने की जगह हो।
  8. सामान्य मिट्टी में 1/3 भाग गोबर खाद का प्रयोग करे।
  9. पौधे को 3 से 4 सेंटीमीटर मिट्टी के अंदर जाने देना है।
  10. पौधा लगाने के बाद थोड़ा उसमें पानी डालना है।
  11. गमले को ऐसे स्थान में रखना है, जहा सुबह सूर्य की किरण पढ़ती हो।

कुछ ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले पौधे जिनका उपयोग आप कर सकते हैं।

1. ओस्टियोस्पर्मम
2. अफ्रीकी डेजी
3. सस्ता क्रेजी डेजी
4. पॉम डेजी
5. जरबेरा डेजी
6. मारगूराइट डेजी

पौधे की देखभाल कैसे करें?

अगर आप चाहते है कि गुलबहार फुल अधिक मात्रा में खिले तो उसके लिए आपको अच्छी से पौधे को देखभाल करनी है। निम्न तरीके से आप हमारा लेख Daisy Flower in Hindi की देखभाल कर सकते है।

नियमित रूप से पानी देना

गुलबहार फूल के पौधे में पानी तभी डालनी है, जब मिट्टी पूरी तरह से सुखी हो, नमी मिट्टी में पानी नहीं डालनी है, नहीं तो पौधे में सड़न आ सकती है।

उर्वरक एवं खाद

आप चाहते हैं कि मेरा पौधा जल्दी फूल दे तो आप पौधे में फास्फोरस की खाद का प्रयोग कर सकते हैं। कुछ ऐसे खाद्य हैं जिनका आप प्रयोग भी कर सकते हैं।

1. रॉक फास्फेट
2. वर्मी कंपोस्ट
3. गोबर खाद
4. बोन मिल
5. प्लांट ग्रोथ प्रमोटर

नियमित मात्रा में धूप

गुलबहार फूल के पौधे को ना ही ज्यादा ठंड पसंद है, और ना ही ज्यादा गर्मी इसलिए ठंडी के दिनों में आप पौधे को धूप में रख सकते हैं, और गर्मी के दिनों में धूप नहीं

रोग एवं उपचार

यह रोग तब होता है, जब गुलबहार फुल खिलना शुरू होता है।
रोग – व्हाइटफ्लाइज
उपचार- नीम तेल को एक चम्मच 1 लीटर पानी में मिलाकर उसको पौधे पर स्प्रे करनी है, मात्र 1 से 2 दिनों में रोग समाप्त हो जाएगा।

गुलबहार फुल की प्रजातियां

पूरी दुनिया में गुलबहार की 3500 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है, हर प्रजाति का रंग आकार भिन्न-भिन्न होता है। भारत में लगभग 2000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है, इन्हीं में से कुछ महत्वपूर्ण प्रजातियां हैं, जिनके बारे में जानना बहुत जरूरी है।

1. ब्लू डेजी
2. सस्ता डेजी
3. अफ्रीकी डेजी
4. चित्रित डेजी
5. स्पेनिश डेजी
6. आक्स आई डेजी
7. माइकलमास डेजी
8. स्वान डेजी
9. पेरिस डेजी
10. क्राउन डेजी
11. टेरेरियन डेजी
12. लेजी डेजी
13. प्रेयरी डेजी

गुलबहार फुल खास क्यों?

गुलबहार फुल अच्छी खुशबू प्रदान करने के साथ-साथ गहरी दोस्ती एवं प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

interesting facts of Daisy Flower in Hindi | गुलबहार फुल की रोचक तथ्य
  1. गुलबहार का फूल पूरी दुनिया के तुलना में सबसे ज्यादा भारत देश में पाया जाता है।
  2. गुलबहार फूल को अंग्रेजी में Daisy Flower कहते हैं।
  3. अंटार्कटिक महाद्वीप में गुलबहार फुल की एक भी प्रजाति नहीं पाई जाती है।
  4. गुलबहार फूल का वैज्ञानिक नाम Bellis perennis है।
  5. गुलबहार फूल की 3500 से ज्यादा प्रजाति पूरी दुनिया में मौजूद है।
  6. गुलबहार फूल दुनिया के उन फूलों के क्रम में आता है, जो दिखने में सुंदर व आकर्षक होते हैं।
  7. गुलबहार फुल को प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
  8. इस फूल का रंग सफेद, गुलाबी, पीला आदि होता है।
  9. गुलबहार फुल यूरोप का प्रजाति है।
  10. सफेद गुलबहार को सच्ची दोस्ती का प्रतीक माना जाता है।

इसे भी पढ़े

Lily Flower Information in Hindi | लिली फूल की जानकारी

दोस्तों मुझे आशा है। हमारा लेख Daisy Flower in Hindi आपको पसंद आया हो, अगर हमसे कोई जानकारी छूट गई है, तो आप हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते हैं।

Leave a Comment