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Ebony tree in Hindi | आबनूस के पेड़ की जानकारी

Ebony tree in Hindi :- जय हिंद दोस्तों आज हम लोग बात करने वाले एक ऐसे पेड़ के बारे में जो हमारे भारत में बहुत कम पाया जाता है। लेकिन इसके बारे में जानना आप लोगों के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि इस पेड़ के जो फायदे हैं। वह आपके शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। तो आज हम लोग बात करने वाले हैं। आबनूस पेड़ के बारे में आज हम इसी के बारे में पूरे विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे अगर आपको लगता है। कि कोई जानकारी छूट गई हो तो आप कमेंट करके हमें बता सकते हैं।

Information of Ebony tree in Hindi | आबनूस के पेड़ की जानकारी

आबनूस का पेड़ मूल रूप से दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका का पेड़ है। इसके अलावे अन्य देशों में पाया जाता है। वह देश इस प्रकार से है। मलेशिया, भारत, इंडोनेशिया, चाइना आदि देशों में पाया जाता है। अगर इस पेड़ का इतिहास देखे तो इस पेड़ का उपयोग मध्यकाल से किया जाने लगा था और उसके बाद से आज तक इस पेड़ की औषधियों का उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों के एक अनुमान के अनुसार किस पेड़ का उपयोग सबसे पहले श्रीलंका नामक देश में किया गया था और वही से इस पेड़ का व्यापार भी शुरू किया गया था

 

 

 

 

आबनूस पेड़ का वैज्ञानिक नाम व अन्य नाम

आबनूस के पेड़ का वैज्ञानिक नाम Diospyros Ebenum है। जिसको हिंदी में आबनूस कहते हैं। और अंग्रेजी में ebony tree, संस्कृत में कालस्कंद, गाम, आदि नामों से जाना जाता है।

आबनूस पेड़ के फायदे | Benefits of Ebony Tree in Hindi

जोड़ो के दर्द का निवारण

आज के आधुनिक जीवन में सब कोई पैसे कमाने में लगे हुए और अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते जिसके कारण से 40 उम्र पार करने के बाद घुटने में, हाथों के जोड़े में दर्द देना शुरू कर देता है। जिसकी वजह से बहुत अधिक दवाइयों का सेवन करते हैं। अगर आप चाहते हैं। कि दवाई का ना सेवन करें और मेरा दर्द ठीक हो जाए तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। आबनूस के चूर्ण को तेल के साथ रोजाना रात को सोते समय लगाएं जिससे आप का दर्द एक महीना के अंदर में ठीक हो सकता है। और आप स्वस्थ रह सकते हैं।

नपुंसकता को जड़ से समाप्त

यह मेरा खुद का अनुभव है। किसका प्रयोग से नपुंसकता दूर होता है। क्योंकि मैं खुद जब 14 साल का था। तो गलत संगत के साथ रहता था और हस्तमैथुन जैसी आदत मुझे हो गई थी इसको में लगातार 5 से 6 साल तक करता रहा जिससे मेरा शरीर काफी कमजोर हो गया और मैं मानसिक रूप से भी कमजोर हो गया बहुत से डॉक्टर से इलाज करवाने के बाद भी यह समस्या दूर नहीं हो रहा था अगर आप प्रतिदिन खाली पेट आबनूस के चूर्ण को हल्का गर्म पानी में मिलाकर लगातार 1 से 2 महीने पीते हैं। तो आपकी यह समस्या दूर हो सकती हैं।

स्वप्नदोष में भी लाभकारी

अगर आपको 10 या 15 दिन में स्वप्नदोष होती है। तो वह समस्या नहीं है। अगर आपको सप्ताह में दो या तीन बार स्वप्नदोष हो जाती है। तो यह समस्या है। आगे चलकर आप शारीरिक कमजोरी और मानसिक कमजोरी का सामना कर सकते हैं। इसीलिए आप आबनूस का चूर्ण सुबह खाली पेट पानी के साथ सेवन करें सकते हैं। अगर आप ऐसा रोजाना करते हैं। तो यह समस्या 20 दिनों में समाप्त हो सकती है।

धात कि समस्या में का समाधान

यह समस्या होने का मुख्य कारण है। अधिक मात्रा में तेल से तले खाने को खाना जैसे समोसा, पकौड़ी और इसमें आता है। पास्ता, चौमिन, पिज़्ज़ा, आदि का सेवन कम मात्रा में करें। और जब आप यह सब का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं। तब आपकी यह समस्या होता है। यह समस्या लड़कियों को अधिक होती है। यह समस्या गांव में बहुत सारी लड़कियों का समस्या है। क्योंकि गांव के लड़की समझ नहीं पाती है। और यह सब वस्तुओं का अधिक सेवन कर लेती है। जिसके कारण से यह समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिसके इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाती है। और अधिक मात्रा में पैसे की खर्च करती है। अगर आप चाहते हैं। कि पैसे का बचाव हो तो आप आबनूस के चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। इसके मात्र 20 दिन के सेवन से आपकी समस्या हल हो सकता है।

आबनूस फल के फायदे

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आबनूस का फल गोलाकार होता है। जो दिखने में कठोर और गुरचई होता है। और जब यह फल पक जाता है। तो इसका रंग पीला दिखाई देने लगता है।
आबनूस के फल का कई फायदे हैं।

  1. सर्दी खांसी से राहत दिलाने का काम करता है।
  2. कमर दर्द से राहत दिलाने का काम करता है। आबनूस के फल में ऐसे तत्व पाए जाते हैं। जिसके सेवन से कमर दर्द ठीक हो जाता है।
  3. मांसपेशियों के दर्द से राहत दिलाने का काम करता है।

आबनूस के पेड़ का अन्य जानकारी

इस पेड़ की लकड़ी पूरी दुनिया महंगे लकड़ियों के क्रम में आता है।

आबनूस पेड़ की उम्र लगभग 100 से 150 साल तक माना जाता है।

आबनूस पेड़ की ऊंचाई 20 से 30 मीटर तक हो सकती है। जो दिखने में काफी विशालकाय होते हैं। इसके पत्ते काफी सुंदर और आकर्षक दिखाई देती हैं। जिसका स्वाद काफी कड़वाहट होती है।

आबनूस की एक पेड़ की कीमत लगभग 80 से 90 हजार तक हो सकती है। जिसके कारण से इसकी खेती बहुत अधिक मात्रा में की जाती है।

भारत के कुछ राज्य में इसके पेड़ पाए जाते हैं। वह राज्य इस प्रकार से हैं। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों में पाई जाती है।

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