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About Fig tree in Hindi | अंजीर वृक्ष की संपूर्ण जानकारी

Fig tree in Hindi :- जय हिन्द दोस्तों, अंजीर का पेड़ जिसका वैज्ञानिक नाम फाइकस कायरा है। और जिसको अंग्रेजी में फिग कहते हैं। संस्कृत में अंजीरा मंजुला नाम से जानते हैं। पूरी दुनिया में अंजीर की 700 प्रजातियां मौजूद है। अंजीर के पत्ते में भी बहुत सारे औषधियां देखने को मिलता है। इसकी लकड़ी काफी मजबूत रहती है। अंजीर फल साल में दो बार देता है। वह भी गर्मी के समय में जो फल देता है।

वह काफी अच्छा रहता है। और जो बरसात में फल देता है उसकी गुणवत्ता थोड़ी कम रहती है। अंजीर फल को पकने में कम से कम 30 डिग्री से 35 डिग्री तक गर्मी चाहिए जिससे अंजीर का फल अच्छे से पक जाता है। जिसे खाने में काफी अच्छा लगता है। आज हम अपनी लेख में Fig tree in Hindi के बारे मे आसान भाषा में जानने की कोशिश करेंगे। आपको इससे संबंधित जानकारी चाहिए तो हमारे साथ अंत तक बने रहें।

Information of Fig tree in Hindi | अंजीर वृक्ष की संपूर्ण जानकारी

1. आकार :- अंजीर वृक्ष की ऊंचाई 8 से 10 मीटर वा मोटाई 1 मीटर तक होती है। और इसकी फैलाव लगभग 5 मीटर होती है।

2. पत्ते का आकार :- इसके पत्ते टेढ़े मेढ़े दिल के आकार की होती है जो 8 सेंटीमीटर लंबी वा हरे रंग की होती है। अंजीर वृक्ष के पत्ते में कई तरह के औषधियां पाई जाती है।

3. जीवनकाल :- अंजीर का सामान्य जीवनकाल लगभग 100 वर्ष होता है। Ficus religiosa नामक प्रजाति का अंजीर वृक्ष लगभग 1000 वर्ष तक जीवित रहता है।

interesting facts of Fig tree in Hindi | अंजीर वृक्ष की रोचक तथ्य

नाम हिंदी में – अंजीर
अंग्रेजी में – Fig tree
वैज्ञानिक नाम – फाइकस कायरा
कूल – मोरेसी
कुल प्रजातियां – 700
जीवनकाल – 100 वर्ष
निवास स्थान – भारत

Benefits of Fig tree in Hindi | अंजीर फल के फायदे

  • कोलेस्ट्रोल को नियमित रखता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
  • लीवर की समस्याओं का समाधान करता है।
  • कैंसर जैसी भयानक बीमारी को भी नियंत्रित करता है।
  • हड्डियों को मजबूत करता है।
  • नपुंसकता को दूर करता है।
  • अंजीर फल के चिप्स के फायदे।

अगर भींगे हुए अंजीर को खाते हैं। तो उसके फायदे अनेक है। क्योंकि उसमें जिंग, मैग्नीशियम, आयरन,जैसे अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। जिसके सेवन से हमारे शरीर को निम्न प्रकार से फायदा पहुंचाता है।

1. वजन को बढ़ाने में सहायता करता है।

अगर आपका वजन कम है। और आप बहुत दिन से कोशिश कर रहे हैं। कि मेरा वजन बढ़ जाए तो आपको एक सलाह है। यह भी माननी है। कि प्रतिदिन आपको अंजीर के फल का चार पांच टुकड़े को दूध के साथ उबालकर पीना है। लगातार दो महीने तक उसके बाद आपको आप का परिणाम आपके सामने होगा आपका वजन बढ़ना शुरू हो जाएगा ऐसा इसलिए होता है। कि इसमें मैग्नीशियम,आयरन, जैसी विटामिन उपलब्ध रहती है।

2. कमजोरी के लिए रामबाण
आप लड़का हो या लड़की अगर आपको कमजोरी है। तो आप रोज रात को चना के साथ अंजीर को भी भूलने के लिए दे दे हैं ।और सुबह खाली पेट आपको वह पानी पी लेनी है। जिसमें अंजीर को फूलने के लिए दिए हैं। उसके बाद चना के साथ अंजीर को भी खाली पेट खा लेनी है। जिससे आपका कमजोरी धीरे-धीरे दूर हो जाएगा और आप एक स्वस्थ लाइफ का अनुभव उठा सकते हैं।

3. लड़कियां और महिलाओं के लिए रामबाण
अगर महिलाओं में आयरन की कमी होती है। तो आपको ज्यादा नहीं अगर 1 महीने तक अंजीर का सेवन करते हैं। किसी भी तरह से तो आप दूसरे महीने में अपने आप को ताकतवर महसूस करेंगे।

5. फिट रखता है।
अंजीर के फल में विटामिन ए ,और विटामिन बी ,और मैग्नीशियम, आयरन, पोटेशियम आदि मिनरल्स नियमित रूप में पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर को अत्यधिक मात्रा में लाभ पहुंचाता है।

6. अंजीर को कैसे खाना है।
अगर आप चाहते हैं। कि अंजीर को हम पक्के खाए तो आप पक्के खा सकते हैं। अगर आप अंजीर को पक्के खाते हैं। तो उसमें जितने भी औषधि रहेंगे वह सीधे आपके शरीर में प्रवेश कर जाएंगे और सुखा की अपेक्षा पक्के को खाते हैं। तो ज्यादा फायदा रहेगा अगर आपके पास पक्के अंजीर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। आपको बाजार में लगभग ₹160 में अंजीर मिल जाएगा जो ड्राई फूड है। जिसको आप रोजाना रात में फूलने दे और उसको सुबह खाली पेट खा ले

अंजीर की खेती कैसे करें।

अंजीर की खेती करना बहुत आसान है, बस आपको कुछ बातों को ध्यान में रखनी है। जो निम्न दी गई है

मिट्टी :- अंजीर की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी काली मानी जाती है। मिट्टी की पीएच मान 7 से 8 के बीच में चाहिए।

गमला :- बाजार से आपको 2 से 3 फुट का गमला ले लेना है जिसमे पानी निकलने की जगह हो।

पौधा :- पौधा खरीदते समय पौधे की गुणवत्ता चेक कर लेनी है जैसे पौधे में किसी प्रकार की कीड़ा ना लगा हो, पत्ते मुरझाया ना हो, आप नर्सरी यह भंडार से पौधे को खरीद सकते हैं।

पौधे की रोपाई :- मिट्टी को 2 से 3 इंच गड्ढा करके उसमें अच्छे से पौधे को लगा देना है।

कीटनाशक :- पौधे रोपाई के पश्चात आपको नियमित रूप से खाद की छिड़काव करनी है ।

देखभाल :- दिन में 2 से 3 घंटे तक धूप में रखनी है। सुबह की धूप अवश्य पढ़ने देनी है। पौधे में नियमित रूप से पानी देते रहना है।

अंजीर वृक्ष (Fig tree) की प्रजातियां

पूरे विश्व में अंजीर के लगभग 700 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है। कुछ प्रजातियां जो नीचे दी गई है।

1. Lattarula
2. Negronne
3. Rouges de Bordeaux
4. Green Ischia
5. Italian 258
6. Col de dame blanc
7. Osborn Prolific
8. Madeleine des deux saisons
9. Pingo de mel
10. Hardy Chicago

कुछ महत्वपूर्ण प्रजातियां जिनके बारे में जानना बेहद जरूरी है।

1. भूरा टर्की (Brown Turkey):- अंजीर की यह प्रजाति शहतूत परिवार से संबंध रखती है। इसका निवास स्थान टर्की है। Brown Turkey का वैज्ञानिक नाम Ficus carica है।

2. अंजीर (Fig):- अंजीर की खेती का साक्ष्य पौराणिक कथाओं में मिलती है। इसका मूल निवास स्थान भारत है इसके अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, चीन, भूटान आदि देशों में पाई जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम Ficus carica है।

3. मिशन अंजीर (Mission fig):- यह अंजीर की बहुत उन्नत किस्म के वृक्ष है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में पाया जाता है और यही का मूल निवासी है। इसका वैज्ञानिक नाम Ficus carica Mission है।

अंजीर वृक्ष (Fig tree) के बारे में 10 लाइन

1. पूरी दुनिया में इसकी 700 से अधिक प्रजातियां मौजूद है।

2. अंजीर बहुत स्वादिष्ट कल है।

3. अंजीर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

4. अंजीर का वैज्ञानिक नाम फाइकस कायरा है।

5. अंजीर का जीवन का लगभग 100 वर्ष होता है।

6. अंजीर को स्थानीय भाषा में डूमर कहते हैं।

7. सबसे उच्च गुणवत्ता वाला अंजीर भारत में ही पाया जाता है।

8. अंजीर का सेवन करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

9. अंजीर को अंग्रेजी में fig tree कहते हैं।

10. अंजीर को सुखाकर ड्राई फूड के रूप में प्रयोग करते हैं।

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दोस्तों मुझे यकीन है कि आपको हमारा लेख Fig tree in Hindi बहुत पसंद आया होगा। अगर गलती से हमसे Fig tree की किसी प्रकार की जानकारी छूट गई है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

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