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Ketki ka phool kaisa hota hai | जाने कैसा होता है केतकी का फूल

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Ketki ka phool kaisa hota hai :- जय हिंद दोस्तों, केतकी का फूल बेहद आकर्षक एवं खूबसूरत होने के साथ-साथ यह शापित फुल भी है। इस फूल को उष्णकटिबंधीय वनों में अधिक देखी गई है। पूरी दुनिया में इसकी कल 24 प्रजातियां मौजूद है लेकिन इनमें से दो प्रमुख है। केतकी फूल का वैज्ञानिक नाम Pandanus है। केतकी फूल को स्थानीय भाषा में केवड़ा भी कहा जाता है। केतकी फूल का अधिकांश उपयोग इत्र बनाने में किया जाता है। हमारे सनातन धर्म में केतकी के फूल को शापित माना जाता है।
आज हम अपनी लेख Ketki ka phool kaisa hota hai में एक नजर डालेंगे और इस फूल से संबंधित संपूर्ण जानकारी आपके साथ साझा करने की कोशिश करेंगे।

केतकी फूल की सामान्य जानकारी | Ketki ka phool kaisa hota hai

केतकी फूल के दो रंग पीला एवं सफेद होता है। केतकी फूल के पत्ते लंबे, गोलाकार, नोकदार एवं लचीला होने के साथ-साथ बेहद आकर्षक एवं खूबसूरत होती है। केतकी फूल में पत्ते की संख्या लगभग पांच एवं आपस में जुड़ी होती है।

केतकी फूल से सौंदर्य से संबंधित वस्तुएं बनाई जाती है।

केतकी फूल को आषाढी फूल भी कहा जाता है, क्योंकि मानसून के आगमन के कुछ समय बाद ही केतकी फूल खिलना शुरू होता है।

केतकी फूल में कई तरह की औषधियां पाई जाती है, जिसका उपयोग दवाई बनाने में किया जाता है।

केतकी फूल का महक बहुत तेज होती है। अधिकांश लोग इस फूल को घर के बगीचे में लगाते हैं। यह अच्छी खुशबू के साथ-साथ बगीचे का सौभा बढ़ाने का काम करता है।

केतकी तेल के प्रयोग से कमर दर्द, घुटने का दर्द, हड्डी का दर्द, आदि समस्या से राहत मिलता है।

Ketki ka phool kaisa hota hai

केतकी पेड़ की पूरी जानकारी |

केतकी का पेड़ 10 का 12 फीट ऊंचा वा पत्तियां चमकीली और 40 से 60 सेंटीमीटर लंबी होती है। पत्ते का रंग हरा और पीला नजर आता है। आकार और बनावट में केतकी का पेड़ ताड़ के पेड़ के जैसा नजर आता है। केतकी पेड़ का जड़ बांस पेड़ के जड़ के जैसा मजबूत एवं मोटा होता है। केतकी पेड़ का मूल निवास स्थान यमन देश है। मध्यकाल में इस पेड़ को यमन से भारत पाया गया था। भारत लाने का इसका मुख्य उद्देश्य इत्र बनाना था। भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में केतली का पेड़ अधिक पाया जाता है।

सनातन धर्म में केतकी फूल को स्थापित क्यों मानते है।

हमारे सनातन धर्म का चर्चित ग्रंथ शिव पुराण में यह दर्शाया गया है। कि एक समय में भगवान ब्रह्मा एवं भगवान विष्णु जी दोनो मे यह क्रोध हो गया कि पूरे ब्रह्मांड मे मैं सर्वश्रेष्ठ हूं। यह अहंकार धीरे-धीरे झगड़े में तब्दील हो गया। कुछ समय पश्चात पूरे ब्रह्मांड के देवी देवताओं के द्वारा एक सभा बुलाया गया और मुख्य अतिथि के रूप में भगवान शिव जी को बुलाया गया उनको यह निर्णय करना था कि पूरे ब्रह्मांड में सर्वश्रेष्ठ भगवान कौन है।
भगवान शिव जी ने वहां एक ज्योतिर्लिंग की स्थापना किए और ब्रह्मा एवं विष्णु जी को पास बुलाए इसके पश्चात भगवान शिव जी कहते हैं की जो भी इस शिवलिंग का अंत का पता कर लेगा उसे ब्रह्मांड का सर्वश्रेष्ठ भगवान माना जाएगा। इसके पश्चात विष्णु जी ऊपर की ओर प्रस्थान करते है तो वहीं ब्रह्मा जी नीचे की ओर प्रस्थान करते है।
ब्रह्मा जी जब नीचे की ओर प्रस्थान कर रहे थे उसी वक्त उनको केतकी का फूल नजर आता है और ब्रह्मा केतकी के फूल को यह कहकर मना लेते हैं कि मैं पूरे ब्रह्मांड का सर्वश्रेष्ठ भगवान हु और ब्रह्मा जी के बातों में केतकी आ जाता है और ऊपर जाकर भगवान शिव जी से झूठ बोल देता है कि ब्रह्मा जी ने शिवलिंग का आखिरी छोर देख लिया है। लेकिन भगवान शिव जी को पता है की शिवलिंग का आखिरी छोर नहीं होता है। यह बात से भगवान शिव जी ब्रह्मा देव एवं केतकी फूल से काफी नाराज हो जाते हैं और ब्रह्मदेव एवं केतकी फुल को श्रॉफ देते हैं। ब्रह्मदेव आप ब्रह्मांड के भगवान होते हुए भी आपको पूजा नहीं जाएगा।
केतकी फूल तुम खूबसूरत एवं आकर्षक होते हुए भी तुमको पूजनीय सामग्री में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वहीं दूसरी और विष्णु जी ऊपर की ओर जाने के कर्म में उनको एक गाय दिखती है इसके पश्चात विष्णु जी भी गौ माता को भला कर यह कहने पर मान लेते है कि मेने शिवलिंग का आखिरी छोर देख लिया है। और गौ माता भी भगवान शिव जी के पास झूठ बोल देती है की भगवान विष्णु जी ने भी शिवलिंग का आखिरी छोर देख लिया है। इन दोनों पर भी भगवान शिव जी काफी क्रोधित होते है और दोनों को श्राप दे देते है।
विष्णु जी आप भी ब्रह्मांड के भगवान होते हुए भी आपको पूजा नहीं जाएगा।
गौ माता आप पूरे ब्रह्मांड के माता होते हुए भी आपके अंग के बाकी हिस्सा को तो पूजा जाएगा लेकिन आपके मुख को कभी नहीं पूजा जाएगा।

केतकी फूल का कुछ महत्वपूर्ण जानकारी | Ketki ka phool kaisa hota hai

नाम हिंदी में                       केतकी
अंग्रेजी में                            Fragrant screw pine
तमिल में                            ताई, कैथाई
स्थानीय नाम                      केवड़ा
वैज्ञानिक नाम                    Pandanus
प्रजातियां                           24 मुख्य 2
निवास स्थान                      यमन

केतकी फूल की कुछ प्रजातियां | Ketki ka phool kaisa hota hai

कुछ ऐसे देश जहां केतकी का पेड़ देखा गया है वह देश यमन, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, भारत, म्यांमार, पोलिनेशिया,यूरोप के कुछ देश आदि
पूरी दुनिया में लगभग 24 प्रजातियां पाई जाती है लेकिन इनमें से दो प्रमुख है।

1. Pandanus fascicularis :- केतकी कि यह प्रजाति खूबसूरत एवं खुशबूदार होती है। केतकी के इस प्रजाति को ऑस्ट्रेलिया, फिलिपींस, भारत, म्यांमार, के उष्णकटिबंधीय वनों में देखा गया है।

2. Freycinetia cumingiana :- केतकी पेड़ की इस प्रजाति के फूल सबसे मनमोहक होती है। इसका मूल निवास स्थान फिलिपींस है।

3. Pandanus utilis :– इस प्रजाति के केतकी पेड़ की की लंबाई सबसे अधिक होती है। इस प्रजाति के पेड़ 15 से 20 मी ऊंचे हो सकते है। इसका मूल निवास स्थान मेडागास्कर नमक देश है।

4. Pandanus pygmae :- इस प्रजाति के पेड़ की ऊंचाई अन्य प्रजातियों की तुलना में सबसे कम होती है। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 25 से 30 सेंटीमीटर होती है। इसका मूल निवास स्थान ऑस्ट्रेलिया है।

5. Pandanus kaida :- यह केतकी का उन प्रजातियों में आता है जो समुद्र के किनारे में पाई जाती है। इसका मूल निवास स्थान श्रीलंका, भारत, बांग्लादेश, आदि देश है।

6. Pandanus tactorius
7. Pandanaceae
8. Pandanus veitchii
9. Screwpine
10. Pandanus spiralis
11. Pandanus dubius
12. Pandanales
13. Pandanus furcatus
14. Pandanus foetidus
15. Pandanus atrocarpus
16. Pandanus polycephalus
17. Pandanus leram
18. Pandanus candelabrum
19. Pandanus pristis
20. Red fruit
21. Pandanus canaranus
22. Benstonea
23. Freycinetia
24. Pandanus sanderi

Ketki ka phool kaisa hota hai

और पढ़ें → गुलबहार फूल की पूरी जानकारी 

केतकी फूल के 10 रोचक तथ्य

1. केतकी बेहद खूबसूरत फूल होता है।

2. सबसे अधिक इत्र केतकी फूल का ही बनाया जाता है।

3. केतकी फूल का मूल निवास स्थान यमन है।

4. केतकी पेड़ के पत्ते से चटाइयां बनाई जाती है।

5. केतकी पेड़ के पत्ते से टोपिया बनाई जाती है।

6. केतकी पेड़ के तने से बोतल के ढक्कन बनाए जाते है।

7. केतकी को स्थानीय भाषा में केवड़ा कहते है।

8. भारत के उत्तर प्रदेश नामक राज्य में केतकी के पेड़ अधिक मात्रा में पाई जाती है।

9. केतकी का वैज्ञानिक नाम Pandanus है।

10. केतकी फूल सफेद एवं पीला रंग का होता है।

दोस्तों मुझे आशा है कि आपको Ketki ka phool kaisa hota hai से संबंधित जानकारी पूरी प्राप्त हो गई होगी अगर हमसे किसी प्रकार की जानकारी छूट गई है, तो आप हमें टिप्पणी करके बता सकते हैं।

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