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Khejri tree information in Hindi | खेजड़ी के पेड़ की जानकारी

Khejri tree information in Hindi:- जय हिंद दोस्तों आज हम एक ऐसे पेड़ के बारे में जानने वाले हैं। जो रेतीले जगह पर रामबाण से कम नहीं है, यह पेड़ का नाम खेजड़ी है। जो शुष्क वातावरण में पाई जाती है, जिसके पत्ते मई जून के महीने में खेलती है, जो चिलचिलाती धूप में छाया प्रदान करती है। जिसका लाभ जानवर, मानव आदि लेते हैं। इसके पत्ते का उपयोग जानवरों के लिए चारा के रूप में की जाती है, और पेड़ की लकड़ी का उपयोग जलावन के रूप में की जाती है, आज हम इसी पेड़ के बारे में पूरे विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे तो बने रहिए हमारे साथ अंत तक, जिससे आप इससे संबंधित हर एक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

Khejri tree information in Hindi | खेजड़ी के पेड़ की जानकारी

राजस्थान में सन 1900 ईसवी में बहुत भयंकर अकाल पड़ा था, जिसको छपनी अकाल भी कहा जाता है। इस भयंकर अकाल में राजस्थान के लोग जिस पेड़ के तना को खाकर अपनी जान बचाई थी वही पेड़ है खेजड़ी, जिसको शमी के नाम से भी जाना जाता है।

खेजड़ी वृक्ष की महत्वता को देखते हुए सन 1983 ईस्वी को राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवचरण माथुर के द्वारा यह निर्णय लिया गया की, खेजड़ी के वृक्ष को राजकीय वृक्ष बनाया जाए और उसे समय से लागू कर दिया गया।

Khejdi tree

खेजड़ी वृक्ष का वैज्ञानिक व अन्य नाम

खेजड़ी वृक्ष का वैज्ञानिक नाम प्रोसेपिस सीनेरेरिया है। जिसको स्थानीय भाषा में शमी कहते है। अंग्रेजी में khejri, हिंदी में खेजड़ी, शमी, छोकरा , पंजाबी में जेंड, सिंध में कांडी, तमिल में वन्नी, और गुजराती में सुमरी कहा जाता है।

खेजड़ी वृक्ष में पाए जाने वाले पोषक तत्व व विटामिन

पोषक तत्व :- प्रोटीन 8%, कार्बोहाइड्रेट 58%, कैल्शियम 0.4 %, रेसा 28%, वसा 2%, फास्फोरस 0.2%, शर्करा 12%, खनिज लवण 8%

विटामिन :- विटामिन के

Benefits of Khejri Tree in Hindi | खेजड़ी वृक्ष से होने वाले फायदे

खेजड़ी वृक्ष के पत्ता लगभग गोलाकार आकार का होता है। जब यह पत्ता नाजुक रहता है, तब इसका प्रयोग जानवरों के चारा के रूप में किया जाता है।

ऐसा कहा जाता है, कि अभी भी राजस्थान के गांव में पंचायत की बैठक है, खेजड़ी वृक्ष के नीचे ही किया जाता है ।

खेजड़ी पेड़ का आकार माध्यम होता है, इसलिए इसके कुछ पेड़ की लकड़ी से प्लाईवुड आदि वस्तु बनाई जाती है।

खेजड़ी वृक्ष के लकड़ी का प्रयोग राजस्थान में जलावन के रूप में करते हैं।

खेजड़ी का वृक्ष किसी भी मौसम में आसानी से अपने आप को मौसम के हिसाब से ढाल सकता है।

बसंत ऋतु में जब खेजड़ी वृक्ष के पत्ते गिर जाते हैं, और जहां पर पत्ते गिरते हैं। वहां की जमीन की उर्वरता बढ़ जाती है।

खेजड़ी वृक्ष के फल (सागरी) से होने वाले फायदे

सागरी दो प्रकार के होते हैं, और दोनों के फायदे इस प्रकार से हम देख सकते हैं।

कच्ची सागरी

कच्ची सागरी का प्रयोग सब्जी बनाने में की जाती है।

कच्ची सागरी के फल मार्च, अप्रैल माह में फलती है।

सागरी के सब्जी के सेवन से डिहाइड्रेशन नहीं होता है।

घुटने के दर्द में राहत दिलाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने का काम करता है।

सूखे सागरी

अप्रैल-मई में सागरी फलता है, तो उसको गर्मियों के दिनों में सुखाकर रखा जाता है, जिसका उपयोग निम्न है।

सूखे सागरी का अचार भी बना सकते हैं।

सूखे सागरी में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, शर्करा, खनिज लवण पाई जाती है, जो पेट में बन रहे कब्ज को समाप्त करने में सहायता करता है।

आंखों को स्वस्थ रखता है, अगर आप सप्ताह में दो या तीन दिन सागरी के अचार का सेवन करते हैं, तो आंखों में हो रहे लालपन को समाप्त करता है।

खेजड़ी वृक्ष से होने वाले नुकसान 

बारिश के मौसम में खेजड़ी वृक्ष के पास नहीं रहनी चाहिए क्योंकि बिजली गिरने का संभावना हो सकती है।

खेजड़ी वृक्ष का अन्य जानकारी 

खेजड़ी वृक्ष अधिकतर शुष्क वातावरण में ही पाया जाता है।

खेजड़ी वृक्ष भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, सऊदी अरब, अफगानिस्तान आदि देशों में भी पाया जाता है।

शमी वृक्ष राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, गुजरात आदि राज्यों में पाया जाता है।

खेजड़ी वृक्ष में भगवान शनि जी का वास माना जाता है। इसलिए इस वृक्ष को घर में लगाने से धन का आगमन होता है।

खेजड़ी वृक्ष का उम्र लगभग 500 से 600 वर्ष तक माना जाता है।

खेजड़ी वृक्ष की खेती कैसे करें 

Khejdi tree

दोस्तों खेजड़ी की खेती निम्न तरीके से कर सकते हैं।

1. गमले में
2. ग्रीन हाउस में

1. गमले में – सबसे पहले आप बाजार से गमले को खरीद ले, उसके बाद गमले में मिट्टी के साथ खाद को मिलाकर के पौधे की रोपाई कर देनी है। शुरुआत में 4 से 5 घंटे तक आप धूप में पौधे को रख सकते हैं। और कुछ बातों को ध्यान में रखनी है।

समय-समय पर पानी का छिड़काव करते रहना है।
अच्छे से देखभाल करनी है।

2. ग्रीन हाउस में – आप ग्रीन हाउस में एक साथ 100 से 150 पौधे एक साथ लगा सकते है।
वैसे तो इस पेड़ की बहुत कम मात्रा में खेती की जाती है। क्योंकि इसके लकड़ी का उपयोग बहुत कम वस्तुओं में किया जाता है।

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आशा करता हूं। कि आपको Khejri tree in Hindi की जानकारी अच्छी लगी हो अगर हमारी तरफ से कोई जानकारी छूट गई है, तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं।

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