WhatsApp Group Join Now

Lily Flower Information in Hindi | लिली फूल की जानकारी

Lily Flower in Hindi – जय हिंद दोस्तों, दोस्तों आज हम एक महत्वपूर्ण फूल के बारे में पूरे विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे। (Lily Flower in Hindi) लिली फूल विश्व के सुंदर फूलों के क्रम में आता है। जो गुलाबी, लाल, पीला, सफेद, नारंगी आदि रंगों में पाया जाता है, इस फूल को घर के पास लगाने से हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त होता है, क्योंकि यह कार्बन मोनोऑक्साइड एवं फार्मलाडेहाइड जैसी विषैली गैस की प्रभाव को कम करता है, और हमें स्वस्थ रखता है।

information of Lily Flower in Hindi | लिली फूल की जानकारी

information of Lily Flower in Hindi

अधिकांश लोग यही चाहते हैं। कि लिली फूल को अपने घर के बगीचे में लगाएं यह फूल बगीचे के शोभा बढ़ाने के साथ-साथ दिखने में काफी आकर्षक एवं खूबसूरत होता है, और साथ ही अच्छी खुशबू देने का काम भी करता है।

लिली फूल मूल रूप से अमेरिका एवं यूरोप का प्रजाति है। इस फुल की कई सारी प्रजातियां पाई जाती है, जो पूरी दुनिया में फैले होने के साथ-साथ सबकी पसंद भी है, इसलिए इस फूल को अच्छाई एवं सुंदरता का प्रतीक माना जाता है।

1971 में बांग्लादेश के तत्कालीन राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के द्वारा लिली फूल को बांग्लादेश का राष्ट्रीय फूल घोषित किया गया था

लिली फूल से निकलने वाले रस को नेफ्टर कहते हैं, जिसमें कई तरह के अद्भुत औषधियां पाई जाती है इसका उपयोग निम्न तरीके से किया जाता है।

नेफ्टर में उपस्थित औषधियों से कई तरह की दवाई बनाई जाती है, जो किडनी की समस्या में कारगर होती है।

नेफ्टर में कई तरह के मिनरल्स पाए जाते हैं, जिसे पीस के चेहरे में लगाने से चेहरा चमकने लगता है।

लिली फूल के पौधा को घर के बगीचे में कैसे लगाएं

आपके घर में बगीचा है, तो आप आसानी से लिली के पौधे की रोपाई कर सकते हैं। इसको बगीचे में लगाने से यह बगीचे के शोभा को बढ़ाता ही है, और साथ में शुद्ध ऑक्सीजन देने का काम करता है।

लिली फूल के पौधा लगाने के तरीके इस प्रकार है।

पौधा लगाने का सही समय अक्टूबर माह रहती है। उस समय मिट्टी में नमी बनी रहती है, और मिट्टी की ph मान 5 से 6 के बीच होनी चाहिए।

पौधा लगाने के लिए आप बल्ब (बल्ब क्या है?ans-बल्ब अर्ध बेलन के आकार जैसा होता है, जो मिट्टी व टीन का बना होता है, जिसका उपयोग घर में पौधा लगाने के लिए करते है।) का प्रयोग कर सकते हैं।

बल्ब में बगीचे का लगभग 35% मिट्टी व घरेलू खाद गोबर को 25% रेतीले बालू को 25% और वर्मी को 15% इन सभी को अच्छे से मिलाकर पौधे की रोपाई कर देनी है।

जब भी आप लिली का पौधा लगाते हैं, तो 2 पौधों की बीच की दूरी लगभग 7 इंच रखनी है।

पौधा लगाने के बाद कुछ बातों को ध्यान में रखनी है।

लिली के पौधे में कितनी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।

लिली उन फूलों की श्रेणी में आती है, जिसमें पानी का उपयोग बहुत कम होता है।

लिली पौधा लगाने का सही समय

विशेषज्ञों की माने तो लिली के पौधे को अगस्त महीने में लगा सकते हैं। क्योंकि इस समय मिट्टी की उर्वरता अधिक होती है, जो पौधा बढ़ाने में सहायता करती है।

लिली के पौधे में कितनी धूप चाहिए

वैसे तो लिली के कई प्रजाति पाई जाती है, और लगभग सभी प्रजाति में समान धूप की आवश्यकता होती है। इसलिए पौधे को प्रतिदिन 2 से 3 घंटे धूप में रखनी है, सूर्य की किरण पढ़ने से फूल का विकास तेजी से होता है।

लिली के पौधे में होने वाली बीमारियों से कैसे बचाएं

आप चाहते हैं, कि लिली के पौधे में किसी प्रकार की कीड़े मकोड़े ना लगे और बीमारी ना हो तो आपको सप्ताह में कम से कम 2 दिन समय निकालकर लिली के पौधे को अच्छे से साफ करनी है, और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं पानी डालनी है। अधिक पानी ना डालें नहीं तो पौधा गल सकता है।

लिली फूल का वैज्ञानिक व अन्य नाम

लिली फूल का वैज्ञानिक नाम लिलियम (lilium) है। जिसको अंग्रेजी में लिली और हिंदी में कुमुदनी कहते हैं।

interesting Facts of lily flower in Hindi | लिली फूल के रोचक तथ्य

जापान में लिली फूल को भाग्यशाली का प्रतीक मानते हैं. क्योंकि इस फूल को घर में लगाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और धन का आगमन भी होते रहता है, क्योंकि सफेद लिली को माता लक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त है।

लिली फूल को पूरी दुनिया में उगाया जाता है, जिसमें कुछ देश इस प्रकार से हैं भारत, चीन, श्रीलंका, ब्राज़ील, इंग्लैंड, अमेरिका, कनाडा, इटली, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में आसानी से देखने को मिलता है। यूरोप के अधिकांश देशों में लिली फूल का ज्यादातर इस्तेमाल शादी समारोह में सजावट के रूप में करते हैं।

लिली के फूलों का रंग नारंगी, पीला, लाल, सफेद आदि होते हैं, और इन सभी का प्रतीक अलग अलग होता है. जिसको निम्न तरीके से देख सकते हैं।

सफेद – सच्चाई का प्रतीक
गुलाबी – प्रेम भाव का प्रतीक
लाल – जीत का प्रतीक

1972 में मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री लांगजाम थंपू सिंह के नेतृत्व में सिरोई लिली राजकीय पुष्प घोषित किया गया।

अगर आप लिली को बल्ब के माध्यम से उगाते हैं, तो बल्ब में लिली फूल 5 फीट तक बढ़ सकता है, लेकिन कुछ प्रजाति ऐसी है जो बोने रह जाते हैं, लिली के प्रत्येक फुल में छह पंखुड़ियों पाई जाती है। और लिली के पत्ते लंबे होते हैं।
लिली फूल के रस को नेफ्टर के नाम से जाना जाता है, जिसका उपयोग सौंदर्य से संबंधित वस्तु बनाने में किया जाता है।

Benefits and Uses of lily flower in Hindi | लिली फूल के फायदे और उपयोग 

लिली फूल के रस से बने दवाई का प्रयोग किडनी रोगी करते हैं।

लिली फूल वातावरण में बह रहे विषैली गैस जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड एवं फार्मलाडेहाइड की मात्रा को कम करता है, जिसके वजह से वातावरण शुद्ध हो जाता है। इस फूल को तैयार करने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती है, इसलिए इस फूल को आसानी से अपने बगीचे में लगा सकते हैं, और इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

लिली फूल को फ्रेशनर भी कहा जाता है। जो विषैले गैस को खत्म करके शुद्ध ऑक्सीजन देता है, जिससे हमें अमोनिया जैसी शिकायत नहीं होती है।

लिली फूल से होने वाले नुकसान

घर के बगीचे में लिली का पौधा लगा रहे हैं, तो बिल्लियों को बगीचे की और ना जाने दे, बिल्लियां अगर लिली का सेवन करती है, तो उसकी किडनी फेल हो सकती है जिससे बिल्ली की जान भी जा सकती है।

लिली पौधे की सफाई के समय हाथ में कुछ अवश्य पहने, तो इससे होने वाले दुष्प्रभाव से बच सकते हैं।

लिली फूल का कुछ अन्य बात

लिली फूल दिखने में काफी खूबसूरत होती है।

लिली फूल सबसे पहले यूरोप, एशिया, अमेरिका में पाया गया था इस फूल की 80 से भी ज्यादा प्रजाति दुनिया में मौजूद है।

लिली फूल का रंग गुलाबी, लाल, पीला, सफेद, नारंगी आदि हो सकता है।

लिली फूल को हिंदी में कुमुदनी एवं कुमुद से जाना जाता है।

लिली का पौधा 5 फुट तक हो सकता है।

लिली फूल में 6 पंखुड़ियां पाई जाती है।

लिली फूल के रस को नेफ्टर कहते हैं।

लिली फूल सितंबर माह में खिलती है, और दिसंबर माह तक मुरझा जाती है।

सफेद लिली को शुद्धता एवं पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

इसे भी पढ़े

Tulip Flower information in Hindi | ट्यूलिप फूल की जानकारी 

दोस्तों मुझे आशा है। कि हमारा लेख Lily flower in Hindi आपको पसंद आया हो, दोस्तों आपको लगता है, कि हमसे कुछ जानकारी छूट गई है। तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं, और हमारी जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें ।

Leave a Comment