WhatsApp Group Join Now

Nightingale Bird in Hindi | बुलबुल पक्षी की पूरी जानकारी

Nightingale Bird in Hindi :- जय हिंद दोस्तों, बुलबुल एक छोटी बच्ची है जिसकी लंबाई 15 से 30 सेंटीमीटर के बीच होती है। बुलबुल अमेरिका महाद्वीप को छोड़ शेष सभी महाद्वीप में पाई जाने वाली बच्ची है। पूरी दुनिया में बुलबुल की 1500 प्रजातियां पाई जाने का अनुमान है बुलबुल ग्रीनबुल नामक परिवार से संबंध रखता है इसको अंग्रेजी में Nightingale कहते हैं। बुलबुल का वैज्ञानिक नाम पाईकोनोटस है। नर बुलबुल अपनी मधुर आवाज के लिए विख्यात है। बुलबुल पक्षी घने जंगलों में रहना पसंद करती है और ऊंचे ऊंचे पेड़ों की टहनियों में अपना घोंसला बनाती है।
दोस्तों आज हम अपनी लेखन Nightingale Bird in Hindi के बारे में पूरी विस्तार एवं आसान भाषा में समझने की कोशिश करेंगे।

Information of Nightingale Bird in Hindi | बुलबुल पक्षी की पूरी जानकारी

Nightingale Bird

1. पूरी दुनिया भर में बुलबुल की लगभग 1500 से प्रजाति होने का अनुमान है। बुलबुल पक्षी अमेरिका महाद्वीप को छोड़ बाकी सभी महाद्वीपों में पाई जाती है।

2. बुलबुल का अंग्रेजी नाम (Nightingale) नाइटेंगल है। जो रात्रि (night) , गाने वाला (galan) के मिलन से उत्पत्ति हुआ है। इसलिए नाइटेंगल का अर्थ रात्रि में गाने वाला होता है।

3. बुलबुल पक्षी की पहचान, बुलबुल पक्षी आकार में 15 से 30 सेंटीमीटर के बीच में होते हैं जो दिखने में हल्का मेला हरा एवं मेला पीला या भूरा रंग का हो सकता है। बुलबुल की शरीर पतली दुबली, ऊंची चोटी और पूछ लंबी की होती है जिसके सहयोग से हम आसानी से पहचान सकते हैं।

4. बुलबुल पक्षी अपने भूख मिटाने के लिए फल, फूल, बीज य कीट पतंगों को खाने के रूप में प्रयोग करती है। बुलबुल पक्षी सर्वाहारी पक्षी है।

5. हम जो बुलबुल पक्षी के मधुर आवाज के दीवाने हैं वह मादा बुलबुल की आवाज ना हो कर नर बुलबुल की आवाज होती है। इसलिए नर बुलबुल को गाने वाला पक्षी कहा जाता है।

6. बुलबुल पक्षी का निवास स्थान अफ्रीका एवं एशिया महाद्वीप को कहा जाता है यहां पर बुलबुल की लगभग 1000 प्रजातियां पाई जाती है।

7. भारत में बुलबुल की लगभग 200 प्रजातियां पाई जाती है। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण प्रजाति नीचे दी गई है।

कांगड़ा नामक प्रजाति :- पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाने वाली बुलबुल पक्षी की खूबसूरत प्रजाति है। इसको मुख्य रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर की पहाड़ी क्षेत्रों में आसानी से देखा जा सकता है।

मछरिया नामक प्रजाति :- यह बुलबुल पक्षी की सबसे छोटी प्रजाति है, बुलबुल के इस प्रजाति का आकार 10 सेंटीमीटर तक होता है जो उष्णकटिबंधीय वनों में रहना पसंद करती है यह मुख्य रूप से झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश आदि के स्थानों में देखा जा सकता है।

पीला नामक प्रजाति :- बुलबुल कि यह प्रजाति बेहद खूबसूरत एवं आकर्षक होती है। और यह प्रजाति की आवाज सबसे मधुर होती है जो आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, उड़ीसा आदि जगह पर अपना बसेरा बनाती है।

सिपाही नामक प्रजाति :- सिपाही प्रजाति मुख्य रूप से झाड़ियों एवं उष्णकटिबंधीय इलाकों में अत्यधिक पाई जाती है इस प्रजाति की संख्या भारत में काफी ज्यादा है। बुलबुल के इस प्रजाति का निवास स्थान राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, गुजरात आदि है।

गुलदुम नामक प्रजाति :- गुलदुम बुलबुल पक्षी का परिवार हमेशा भारत के आसपास के इलाके में पाई गई है यह भारत के मूल पक्षियों की श्रेणी में आता है। गुलदुम बुलबुल दिखने में काफी खूबसूरत होता है इसलिए पक्षियों के शौकीन व्यक्ति इस पक्षी को पालते हैं।

8. बेयर फेस्ट नामक बुलबुल की नई प्रजाति :- यह बुलबुल पक्षी की नई प्रजाति है जिसको वैज्ञानिकों के एक समूह के द्वारा लाओस नामक देश में देखा गया है इस प्रजाति के बुलबुल को 100 वर्ष बाद देखा गया है। मेलबॉर्न विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के द्वारा यह बताया गया है कि इस पक्षी के सिर में नाम मात्र बाल है जो दिखने में गुलाबी रंग की है।

9. बहुत ऐसे लोभी मनुष्य है जो बुलबुल पक्षी को पाल के लड़वाते हैं। बहुत ऐसे देश में अभी भी बुलबुल पक्षी लड़वाने का प्रतियोगिता होता है।

10. बुलबुल किस शत्रु की बात करें, तो वह इस प्रकार से है चील, ईगल, सांप बिल्ली आदि।

11. ईरान नामक देश का राष्ट्रीय पक्षी बुलबुल है।

12. बुलबुल पक्षी के कान एवं गर्दन के निचले भाग में लाल रंग का निशान पाया जाता है जो जिसे आहुदी एवं बलिदान का प्रतीक माना जाता है इसलिए शायर पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी ने इस पक्षी पर कई सारे गजलें लिखे हैं जो अभी तक प्रचलित है।
क्या हुआ गर मिट गए अपने वतन के वास्ते।
बुलबुले कुर्बान होती है चमन के वास्ते।

13. बुलबुल पक्षी का औसतन जीवनकाल 1 से 2 वर्ष होती है लेकिन मछरिया, कांगड़ा एवं गुलदूम प्रजाति के बुलबुल 4 वर्ष तक जीवित रहते हैं।

14. बुलबुल जंगलों में अपना घोंसला बनाना पसंद करती है। नर एवं मादा बुलबुल दोनों एक साथ मिलकर के छोटे-छोटे लकड़िया एवं पत्तों के सहयोग से अपना घोंसला बनाते हैं।

15. मादा बुलबुल एक समय में 4 से 5 अंडे देती है अंडे से बच्चे बाहर आने में 18 से 22 दिनों का समय लगता है तब तक मादा बुलबुल अंडे को सेती है और उस समय नर बुलबुल इन सब के लिए भोजन की व्यवस्था कराता है।

16. मादा बुलबुल के चूजे घोसले में 8 से 10 दिनों तक रहते हैं तब तक नर बुलबुल अपने फैमिली के लिए भोजन उपलब्ध कराता है।

17. बुलबुल के चूजे जन्म के 10 से 15 में दिन में उड़ाना प्रारंभ कर देते हैं।

18. मादा बुलबुल के अंडे दिखने में मेला भूरा एवं कुछ परिस्थितियों में मेला नीला भी हो सकता है।

19. 17 वी शताब्दी के आसपास बुलबुल को जंगल से पकड़कर राजा महाराजाओं को भेंट में दिया जाता था उस समय यह प्रथा का चलन हुआ था। बुलबुल को जब पिंजरे में कैद किया जाता है तो उसका जीवन काल बहुत कम हो जाता है। इसलिए कुछ समय बाद इस प्रथा को बंद कर दिया गया।

20. नर बुलबुल आवाज तभी निकल आता है जब उसको प्रजनन करना रहता है वह अपनी आवाज से मादा बुलबुल को अपनी और आकर्षित करता है।

Nightingale Bird

बुलबुल पक्षी की महत्वपूर्ण बातें

नाम –                                                    हिंदी में बुलबुल, सफेद बुलबुल
अंग्रेजी में –                                             Nightingale
वैज्ञानिक नाम –                                      पाईकोनोटस
प्रजातियां –                                             1500 (लगभग)
अभाव –                                                 अमेरिका महाद्वीप
भोजन –                                                  फल, फूल, बीज, कीट पतंगे आदि
निवास स्थान –                                       जंगल
परिवार –                                              ग्रीनबुल
वर्ग –                                                    एब्स
संघ –                                                      करोरुकी
जगत –                                                    पशु

कोयल पक्षी की पूरी जानकारी हिंदी में

10 लाइन बुलबुल पक्षी के बारे में

1. ईरान देश का राष्ट्रीय पक्षी बुलबुल है।

2. अमेरिका महाद्वीप में बुलबुल पक्षी का अभाव देखने को मिलता है।

3. गुलदुम नामक प्रजाति का बुलबुल पक्षी भारत का निवासी है ।

4. बुलबुल पक्षी का वैज्ञानिक नाम पाईकोनोटस है।

5. पूरी दुनिया में बुलबुल की लगभग 1500 प्रजातियां मौजूद है।

6. बेयर फेस्ट नामक प्रजाति का बुलबुल पक्षी सबसे नवीन है जिसको लाओस देश में देखा गया है।

7. भारत में बुलबुल के गुलदूम एवं सिपाही प्रजाति के पक्षी विख्यात है।

8. बुलबुल पक्षी भोजन के रूप में फल, फूल, कीट पतंगों का उपयोग करती है।

9. नर बुलबुल मादा बुलबुल को अपनी और आकर्षित करने के लिए गाना गाता है।

10. बुलबुल पक्षी अपने पार्टनर के साथ रहना पसंद करती है।

दोस्तों मुझे खुशी होगी कि है। हमारा लेखन Nightingale Bird in Hindi की जानकारी आपको अच्छी लगी हो।
अगर हमसे किसी प्रकार की जानकारी छूट गई है तो हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते हैं।

Leave a Comment