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Pansy flower information in Hindi | पैन्सी फूल की जानकारी

Pansy flower in Hindi :- जय हिंद दोस्तों, आज हम अपने लेख में एक छोटी खूबसूरत मनमोहक एवं सुगंधित फुल पैन्सी के बारे में बात करने वाला है। जो violaceae परिवार से अपना संबंध रखता है। पैन्सी फूल का निवास स्थान यूरोप, अमेरिका एवं एशिया के कुछ भाग है। पैन्सी फूल को हिंदी में बनफूल कहते है, इसका वैज्ञानिक नाम Viola tricolor var. hortensis है, और लगभग 400 से 450 के बीच इस फूल की प्रजातियां मौजूद है। पूरे विश्व का लगभग 60% पैन्सी फूल का उत्पादन अकेले इंग्लैंड करता है।
आज हम अपने इस लेख में आपको पैन्सी फूल की ज्ञान की गहराइयों में ले जाएंगे जिसके सहयोग से आप इस फूल से संबंधित जानकारी को आसान भाषा में समझ सकते है।

Information of pansy flower in Hindi | पैन्सी फूल की जानकारी

पैन्सी फूल के पौधे की ऊंचाई 6 से 12 इंच तक होती है एवं फुल की आकार एवं बनावट 2.5 से 4 इंच तक हो सकती है, इसके सभी फूलों में 4 से 5 पंखुड़ियां पाई जाती है जो नीला, सफेद, बैंगनी, पीला, हरा आदि रंग के होते है। पैन्सी पौधे के पत्ते हरे रंग के होते है।

पैन्सी पौधे का औसतन जीवन काल 2 वर्ष का होता है।

पैन्सी फूल खुशबूदार होने के साथ-साथ दिखने में बेहद आकर्षक एवं मनमोहक है, इसलिए इसका उपयोग शादी विवाह में सजावट के रूप में की जाती है।

पैन्सी फूल का उत्पादन अधिकांश यूरोपीय देशों में की जाती है। भारत के कुछ ऐसे स्थान जहां पैन्सी फूल का उत्पादन किया जा सकता है वह जगह है, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम इन जगहों पर आप पैन्सी फूल की खेती आसानी से कर सकते है।

 Benifits of pansy flower in Hindi | पैन्सी फूल से होने वाले फायदे

पैन्सी फूल को नेचुरल एंटीसेप्टिक माना गया है। इस फुल स्वश के जरिए अपने शरीर के आंतरिक भाग में लेने से एक सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है।

पैन्सी फूल के पंखुड़ियो से बने ग्रीन टी के सेवन से सर्दी खांसी दूर हो जाती है।

अच्छी नींद के लिए पैन्सी फूल से बने चाय का सेवन कर सकते है।

बहुत कम मात्रा में पैन्सी फूल का तेल बनाया जाता है, इसके तेल का उपयोग घुटने दर्द, कमर दर्द, माथा दर्द में करते है, तो बहुत कम समय में दर्द से निजात मिल जाएगा।

इत्र बनाने वाली बड़ी कंपनियां पैन्सी फूल उपयोग करके इत्र बनाती है। जिसकी मांग बाजार में बहुत अधिक है। कई किसान पैन्सी फूल की खेती करके अच्छी मुनाफा कमा रहे है।

पैन्सी फूल में उपस्थित नेचुरल एंटीसेप्टिक एवं एंटीबायोटिक जो अस्थमा जैसी भयानक बीमारी को विनाश करता है।

पैन्सी फूल के पंखुड़ियां से बना सूप के सेवन से पेट की समस्या का निवारण होता है।

पैन्सी फूल की महत्वपूर्ण तथ्य । Important facts of pansy flower in Hindi

नाम हिंदी में – बनफूल
अंग्रेजी में – pansy flower in hindi
संस्कृत में – बनफूल
परिवार – violaceae
निवास स्थान – यूरोप एवं एशिया
वैज्ञानिक नाम – Viola tricolor var. hortensis
जगत – plantae
प्रजातियां – 400 से 450
पौधे का जीवन काल – 2 वर्ष
फूल का जीवन काल – 2.5 से 3 दिन

पैन्सी फूल की महत्वपूर्ण प्रजातियां

पूरी दुनिया में पैन्सी फूल की लगभग 400 से 450 प्रजातियां मौजूद है। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण प्रजातियां जिनके बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है वह इस प्रकार है।

  1. Viola x wittrockiana :- पैन्सी फूल की सबसे खूबसूरत प्रजातियों में से एक है इसका निवास स्थान यूरोप है।
  2. Viola lutea :- के की यह प्रजाति समुद्री क्षेत्र में अधिक पाई जाती है। इसका मूल निवास स्थान इंग्लैंड है।
  3. Viola kitaibeliana :- यह एक वार्षिक प्रजाति है, इसके फुल वर्ष भर खिलते है। इसका मूल निवास स्थान तुर्कमेनिस्तान है।
  4. Viola cornuta :- पैन्सी फूल कि यह दुर्लभ प्रजाति है जो पहाड़ी क्षेत्रों में खिलती है। इसका मूल निवास स्थान स्पेन है।
  5. Wild pansy flower :-  यह बरामसियां फूल है, जो अधिकांश जंगलों में पाया जाता है। इसका निवास स्थान यूरोप के कुछ देश है।
  6. European field pansy flower :- पैन्सी फूल कि इस प्रजाति की खेती अधिक मात्रा में की जाती है। इसका मूल निवास स्थान उत्तरी अफ्रीका एवं एशिया के कुछ देश है।
घर में पैन्सी फूल लगाने की विधि

सही गमले का चुनाव करना

बाजार से आपको 8 से 12 इंच बड़े गमले का चुनाव करना है। जिसमें जल निकासी की जगह हो बस ध्यान रहे की गमला स्टील का नाम हो। (आगे जानने के लिए क्लिक करें।)

सही पौधे का चुनाव करना

आप उच्च गुणवत्ता वाले पौधे का चयन नर्सरी से कर सकते है। यह पैन्सी के बीज का प्रयोग कर सकते है।

पौधा लगाने का सही समय

पैन्सी फूल ठंडी वातावरण में खिलती है इसलिए इसके रोपण का अनुकूल समय अक्टूबर एवं नवंबर माह होती है।

मिट्टी तैयार करना

पैन्सी फूल के पौधे के लिए उपयुक्त मिट्टी काली मानी जाती है जिसका पीएच मान 6 से 7 के बीच होनी चाहिए। मिट्टी में घरेलू गोबर एवं वर्मी कंपोस्ट अच्छे से मिलाकर

गमले के 80% हिस्से में मिट्टी को डाल देनी है, इसके पश्चात बीज यह पौधे को 5 से 8 सेंटीमीटर मिट्टी के अंदर गाड देनी है। और नियमित रूप से पानी का छिड़काव करें।

पैन्सी फूल कौन सी वातावरण में खिलती है
जनवरी एवं फरवरी माह में पैन्सी फूल खिलती है। पैन्सी फूल ठंडी वातावरण में अधिकांश खिलती है इसलिए इसकी खेती यूरोपीय देशों में की जाती है।

देखभाल कैसे करें।

उपयोगिता अनुसार ही पानी दे।

इसे धूप की अधिक आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए अल्प मात्रा में ही धूप लगने दें।

पौधे की पत्तियां अधिक बड़े हो जाए तो समय पर छटनी करें।

पैन्सी फूल में होने वाले रोग एवं उसका निवारण

रस्ट :- यह एक कवकीय रोग है, जो पौधे की जड़ में लगता है। समय रहते इसका इलाज नहीं करवाए तो पूरे पौधे को नष्ट कर सकता है।

निवारण :- इस रोग को जड़ से खत्म करने के लिए मैनकोजेब नामक दवाई का प्रयोग कर सकते है जो दवाखाना से आसानी से प्राप्त हो जाएगी।

कोमल फफूंदी :- यह मुख्य रूप से पत्तियों को प्रभावित करता है। यह एक आम रोग है जो अक्सर पत्तियों में होते रहता है।

निवारण :- पौधे के आसपास सफाई रखनी है, नियमित रूप से खाद का प्रयोग करते रहना है।

10 लाइन पैन्सी फूल के बारे में । About 10 Lines pansy flower in hindi

1. पैन्सी फूल खूबसूरत होने के साथ-साथ औषधिये फूल भी है।

2. पैन्सी फूल का मूल निवास स्थान यूरोपीय देश है।

3. पैन्सी फूल का वैज्ञानिक नाम Viola tricolor var. hortensis है।

4. पैन्सी फूल अपना संबंध violaceae परिवार से रखता है।

5. पैन्सी फूल को हिंदी में बनफूल कहते है।

6. भारत के उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश जैसे जगह में बनफूल पाया जाता है।

7. पैन्सी फूल औसतन जीवन काल 2 वर्ष होता है।

8. पैन्सी फूल कुल प्रजातियां 400 से 450 के बीच हो सकती है।

9. पैन्सी फूल ठंडी वातावरण में खिलती है।

10. पैन्सी फूल खिलने का उपयुक्त मौसम की तापमान लगभग 10° c से 15°c के बीच होनी चाहिए।

About Mogra flower in hindi | मोगरा फूल की जानकारी

दोस्तों बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने हमारा लेख Pansy flower in Hindi को अंत तक पढ़ाई की मुझे पूरा विश्वास है कि आपको इस लेख से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त हो गई होगी। अगर हमसे किसी प्रकार की जानकारी छूट गई है तो आप हमें कमेंट करके अपनी राय दे सकते है। और हमारी जानकारी आपको अच्छी लगी है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

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