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Periwinkle flower information in Hindi | सदाबहार फूल की पूरी जानकारी

Periwinkle flower in Hindi :- जय हिंद दोस्तों, सदाबहार जिसे सदाफुली के नाम से भी जाना जाता है जो पूरी दुनिया के उन चुनिंदा फूलों में से एक है जो साल भर खिलते है। सदाबहार फूल को अंग्रेजी में periwinkle flower तो वही इसका वैज्ञानिक नाम catharanthus roseus है।

सदाबहार फूल कैसा होता है, सदाबहार फूल की उत्पत्ति कहां से हुई, इसकी खेती कैसे की जाती है, क्या हम सदाबहार फूल को घर में लगा सकते हैं?, ऐसे ही सदाबहार फूल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियो को बेहद आसान एवं रोचक भाषा में आपके साथ साझा करेंगे। जो कोई भी periwinkle flower के बारे में जानना रुचि रखते हे वे हमारे लेख को अंत तक पढ़े जिससे उनको सदाबहार फूल की पूरी जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

Information of Periwinkle flower in Hindi। सदाबहार फूल की पूरी जानकारी

पौधा :- सदाबहार फूल के पौधे झाड़ीनुमा वा क्रमागत होते हैं, जो 1 से 2 फूट (12 से 25 इंच) तक लंबा एवं चौड़ा वा दिखने में गुलाबी एवं बैंगनी रंग की होती है।

पत्ते :- 5 से 10 सेंटीमीटर (1 से 3 इंच) लंबा वा 3 सेंटीमीटर चौड़ा होता है, जो लंबे गोलाकार आकार का होता है। वही इसके रंग की बात करें तो वह हरा होता है।

फूल :- इसके फूल पांच पंखुड़ियां वाला होता है, जो 2 से 3 सेंटीमीटर तक लंबा वा दिखने में बैंगनी, गुलाबी, सफेद, नीला एवं लाल रंग का होता है।

जीवनकाल :- सदाबहार फूल का पौधा बारहमासी होता है, वही इसके फूल की बात करें तो वह 7 दिनों तक जीवित रहता है।

निवास स्थान :- सदाबहार फूल की उपस्थिति सबसे पहले मेडागास्कर में देखा गया था वर्तमान में इसकी उपस्थिति संपूर्ण विश्व में है। हा हम कह सकते है इसका मूल निवास स्थान मेडागास्कर है।

Interesting facts of periwinkle flower in Hindi। सदाबहार फूल की रोचक तथ्य

  1. सदाबहार फूल को प्राकृतिक सौंदर्य एवं सुंदरता के लिए जाना जाता है।
  2. सुंदर पंखुड़ियो के कारण इसे सदाफुली के नाम से जाना जाता है।
  3. बगीचे का शोभा बढ़ाने के साथ-साथ इसमें कई प्रकार की औषधिये तत्वों की उपस्थिति भी होता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है।
  4. प्रेम प्रसंग में सदाबहार फूल का उपयोग गुलदस्ते के रूप में किया जाता है।
  5. सदाबहार फूल की सुगंध काफी अच्छी होती हैं, जिसे इत्र बनाने में प्रयोग किया जाता है।
  6. इसका फूल 12 महीने तक खिलते रहता है, यही कारण है कि इस फूल को पूरे भारतवर्ष में प्रत्येक घर में लगाया जाता है।

Health Benefits of periwinkle flower in Hindi

  1. सदाबहार फूल के पंखुड़ियो को गर्म पानी में उबालकर उससे निकलने वाले सुगंध को सुघने से कफ एवं सर्दी से राहत दिलाता है।
  2. पंखुड़ियो से बनने वाली चाय के सेवन से रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
  3. फूल के पंखुड़ियो को पीसकर उसके लेप को दाद, फुंसी, फोड़ा जैसे जगहो में लगाने से रोग जल्दी ठीक होता है।
  4. सदाबहार फूल के पत्ते का उपयोग हाइड्रोसील के उपचार में किया जाता है।
Species of periwinkle flower in Hindi। सदाबहार फूल की प्रजातियां

संपूर्ण विश्व में इस फूल की लगभग 22 प्रजातियां मौजूद है, जो दुनिया के हर एक देश में मौजूद है। जिनको हम निम्न तरीके से जानेंगे।

1. Myrtle (मायर्टल) :- यूरोपीय देशों में उपस्थित बैंगनी रंगों वाला सदाबहार फूल की एक प्रजाति है, इसकी उपस्थिती तुर्की, पुर्तगाल, यूरोप, फ्रांस जैसे देशों में है।

2. Madagascar periwinkle (मैडागास्कर पेरीविंकल) :- सदाबहार फूल की सबसे पुरानी प्रजातियों में से एक है, जो बैंगनी एवं गुलाबी रंग की है।

3. Vinca difformis (विंका डिफोर्मिस) :- सदाबहार फूल कि इस प्रजाति को इंटरमीडिएट के नाम से जाना जाता है जो फ्रांस का मूल निवासी है वही यह दिखने में नीले एवं सफेद रंग का होता है।

4. Vinca difformis subsp difformis (विंक डिफोर्मिज सुब्स्प डिफोर्मिया) :- पश्चिमी यूरोप में उपस्थित इस फूल का उपयोग अधिकांश औषधिये रूप में किया जाता है। वही इस फूल की बात करें तो वह बैंगनी, नीला एवं सफेद रंग का होता है, जो बसंत ऋतु में खिलना पसंद करता है।

5. Periwinkle (पेरीविंकले) :- भारतीय मूल में उपस्थित सबसे खूबसूरत फूलों में से एक है, जिसका अधिकांश उपयोग रोगों के उपचार में किया जाता है। सदाबहार क्या फूल दिखने में बैंगनी गुलाबी एवं सफेद रंग की होती है।

सदाबहार फूल को हम घर में कैसे लगा सकते हैं?

हम कुछ स्टेप को फॉलो करके सदाबहार फूल को बहुत आसानी से अपने घर में लगा सकते हैं।

Step 1. अपने नजदीकी बाजार से एक से डेढ़ मीटर लंबे गमले का चुनाव करना है जिसमें जल निकासी की उत्तम जगह हो इसको खरीद लेनी है।

Step 2. उच्च गुणवत्ता के बीज एवं कलमी आप अपने नजदीकी नर्सरी से प्राप्त कर सकते हैं।

Step 3. काली एवं जलोढ़ मिट्टी के साथ वर्मी कंपोस्ट घरेलू खाद एवं यूरिया को अच्छे से मिश्रण कर के गमले के 85% भाग में भर देनी है, इसके पश्चात बीज का रोपण कर देनी है।

Step 4. गमले में 15% हिस्सा खाली रहने दे ताकि उसमें पानी उच्चतम मात्रा दे सकें।

बीज रोपण के पश्चात कुछ बातों को ध्यान में रखनी है।

धूप :- सुबह एवं शाम की धूप अवश्य पढ़ने देनी है ताकि पौधा नियमित रूप से बढ़ सके।

पानी :- सदाबहार फूल में पानी की आवश्यकता अधिक पड़ती है इसलिए सुबह शाम पानी का छिड़काव करते रहना है, ताकि पौधा मुरझाए ना और नियमित रूप से विकसित होता रहे।

पौधा :- बीज रोपण के 8वें दिन तक पौधे का आगमन हो जाता है।

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दोस्तों मुझे पूरा यकीन है की आपको हमारा लेख Periwinkle flower in Hindi बहुत अच्छी लगी होगी और आपको इस लेख से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त हो गई होगी तो आप अपने नजदीकी रिश्तेदार एवं दोस्तों के पास शेयर जरूर करें और हमसे किसी प्रकार की जानकारी छूट गई है तो आप हमें कमेंट करके अवश्य बताएं।

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