WhatsApp Group Join Now

Tulip Flower information in Hindi | ट्यूलिप फूल की जानकारी

Tulip flower in Hindi – जय हिंद दोस्तों आज हम एक ऐसे फूल के बारे में जाने वाले हैं, जो दिखने में काफी आकर्षक एवं खूबसूरत होती है। इस फूल को प्यार का प्रतीक भी माना जाता है, इसके साथ ही इस फुल में कई तरह के औषधियां भी पाई जाती है। जिसका उपयोग दवाइयां बनाने में की जाती है, जी हां दोस्तों आज हम लोग ट्यूलिप फूल के बारे में पूरे विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे। आपको इस फुल से संबंधित पूरी जानकारी चाहिए तो हमारे साथ अंत तक बने रहें।

Information of Tulip Flower in Hindi | ट्यूलिप फूल की जानकारी

  • पूरे विश्व में ट्यूलिप फूल की खेती सबसे ज्यादा नीदरलैंड नामक देश में की जाती है। यह देश प्रत्येक साल 4 बिलियन फूलो का निर्यात पूरी दुनिया में करता है।
  • ट्यूलिप फूल को हिंदी में कंद पुष्प के नाम से जाना जाता है।
  • ट्यूलिप फूल की कलियां काफी मजबूत रहती है।
  • अफगानिस्तान देश का राष्ट्रीय फूल ट्यूलिप फूल है।
  • श्रीनगर में एशिया का सबसे बड़ा एवं विश्व का पांचवा सबसे बड़ा टयूलिप गार्डन है।
  • ट्यूलिप फूल की उम्र 2 साल मानी जाती है।
  • ट्यूलिप फूल सूरजमुखी फूल की तरह सूर्य की और खिलती है।
  • ट्यूलिप फूल की लगभग 200 प्रजातियां पाई जाती है।
  • ट्यूलिप फूल जनवरी माह में खिलना शुरू होता है।
  • ट्यूलिप फूल की खेती सबसे ज्यादा यूरोपीय देशों में की जाती है।
  • ट्यूलिप फूल उन फूलो में आता है, जो गर्मियों में नहीं खिलता है।
  • ट्यूलिप फूल को रातों की रानी भी कहा जाता है।
  • ट्यूलिप फूल का रंग लाल, गुलाबी, पीला, सफेद आदि हो सकता है।

ट्यूलिप फूल का वैज्ञानिक व अन्य नाम

ट्यूलिप फूल का वैज्ञानिक नाम Tulipa gensneriana है, जिसको हिंदी में कंद पुष्प कहते हैं।

ट्यूलिप फूल की विशेषताएं

  • ट्यूलिप फूल का रंग पीला, सफेद, गुलाबी, लाल आदि रंग का हो सकता है।
  • ट्यूलिप फूल का उपयोग शादी समारोह यह सजावट के रूप में प्रयोग किया जाता है।
  • ट्यूलिप फूल का पौधा 5 से 10 सेंटीमीटर का हो सकता है।
  • ट्यूलिप फूल से कई तरह के इत्र बनाए जाते हैं, जिनकी कीमत काफी अधिक होती है।
  • ट्यूलिप फूल के पंखुड़ियों से कई तरह के औषधियां तैयार किया जाता है, जिनका प्रयोग दवाई बनाने में किया जाता है।
  • सफेद ट्यूलिप फूल को प्यार का प्रतीक माना जाता है।
  • ट्यूलिप फूल के पंखुड़ियों को कभी-कभी सलाद के रूप में प्रयोग किया जाता है।

ट्यूलिप फूल की खेती कैसे करें

इस फूल की खेती के लिए उपयुक्त महीना नवंबर माना जाता है। इसी समय में आप इस फूल की खेती कर सकते हैं, आप इस फूल की खेती नीचे दिए गए तरीके से कर सकते हैं।

  1. सबसे पहले आपको सही गमले का चुनाव करनी है, जिसमें हल्का पानी निकलने का रास्ता हो गमला कम से कम 40 सेंटीमीटर बड़ा होना चाहिए, इसके बाद हल्की काली मिट्टी को डालें जिसकी पीएच मान 5 से 7 के बीच होनी चाहिए और मिट्टी में घरेलू खाद जैसे गोबर का उपयोग करें। इसके बाद आपको पौधे को लगा देना है। और कुछ बातों को ध्यान में रखना है।
  2. ट्यूलिप फूल के लिए उपयोगी तापमान 10°c से 24°c के बीच होती है।
  3. ट्यूलिप फूल को 2 से 4 घंटे ही धूप में रखनी है।
  4. जब फूल खिलना शुरू होता है, तो फूल के कुछ भागों में सामान्य बीमारी हो सकती है जिसमें आप कीटनाशक की छिड़काव कर सकते है।
  5. एक समय ऐसा आता है, जब इसका पत्ता मुरझाने लगता है, तब इसमें अधिक पानी देना है।
  6. फूल के विकास के लिए समय-समय पर खाद का प्रयोग करते रहना है।

भारत के कुछ राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां इसकी खेती के लिए उपयुक्त वातावरण रहती है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख इन जगहों पर आप इसकी खेती कर सकते हैं।

History of Tulip Flower in Hindi | ट्यूलिप फूल का इतिहास 

ट्यूलिप ईरानी भाषा एक शब्द है, जिसे टोलिबन से प्राप्त किया गया जिसको हिंदी में पगड़ी कहा जाता है। क्योंकि ट्यूलिप फूल पगड़ी की तरह दिखाई देता है। 16वी शताब्दी के दौरान यूरोप के कई हिस्सों में इस फूल का उपयोग पगड़ी में करने लगे और यह प्रचलन धीरे-धीरे काफी तेजी से फैलने लगा, बहुत कम समय में यह पूरी यूरोप में फैल गया, जिसके वजह से ट्यूलिप फूल की मांग तेजी से बढ़ने लगा और ऐसा भी कहा जाता है। कि उस समय यूरोप के कुछ ऐसे देश थे जिसकी अर्थव्यवस्था में काफी योगदान रखता था यह फूल और यहीं से धीरे-धीरे पूरे विश्व में विख्यात होने लगा

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोपीय सैनिकों का भोजन खत्म हो गया था तो उस समय ट्यूलिप फूल की पंखुड़ियों को खाकर सैनिकों ने अपनी जान बचाए थे और युद्ध को जारी रखे थे।

ट्यूलिप फूल की कुछ प्रजातियां

ट्यूलिप फूल की लगभग 200 प्रजातियां पाई जाती है। इनमें कुछ महत्वपूर्ण प्रजातियां के बारे में जानने वाले हैं।

Tulipa Kaufmanniana Regel

ट्यूलिप फूल की यह प्रजाति एशियाई भागों में पाई जाती है, इसका रंग सफेद एवं नीला होता है। इसकी पंखुड़ियां हल्का बाहर की ओर होती है, जिसके कारण दिखने में काफी आकर्षक होती है।

Tulipa Clusiana vent

यह प्रजाति यूरोपीय भागों में पाई जाती है, जो ट्यूलिप फूलों में सबसे आकर्षक एवं सुंदर होती है। इस फूल का रंग लाल एवं गुलाबी होता है। यही कारण से इस फूल का प्रयोग सजावट के सामानों में की जाती है।

Tulip Greigii Regel

ट्यूलिप फूल की यह प्रजाति अफगानिस्तान, उज़्बेकिस्तान, किर्गिस्तान, ईरान आदि देशों में पाई जाती है, इस फूल का रंग बैंगनी होता है, जो दिखने में खूबसूरत होता है।

Tulip single early

यह प्रजाति दिखने में बेहद खूबसूरत होती है, यह लाल एवं सफेद रंग का होता है, विशेषज्ञों के द्वारा बताया गया है। की इस फूल की उम्र अन्य ट्यूलिप फूलों की प्रजाति की तुलना में सबसे अधिक होती है।

इसे भी पढ़े

Chamomile Flower information in Hindi | कैमोमाइल फूल की जानकारी

दोस्तों मुझे आशा है। कि आपको Tulip flower in Hindi की यह जानकारी अच्छी लगी हो, अगर कुछ जानकारी छूट गई है, तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं।

Leave a Comment